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Hindi News मौसमकेदारनाथ-बदरीनाथ, गंगोत्री चारों धामों में बर्फबारी, मैदानों में बादल-बूंदाबांदी से छूटी कंपकंपी; मौसम पर आईएमडी अलर्ट 

केदारनाथ-बदरीनाथ, गंगोत्री चारों धामों में बर्फबारी, मैदानों में बादल-बूंदाबांदी से छूटी कंपकंपी; मौसम पर आईएमडी अलर्ट 

मौसम विभाग ने 01 फरवरी को भी पूरे प्रदेश में बारिश एवं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट रखा है। बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंड प्रकोप जारी है। मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही।

केदारनाथ-बदरीनाथ, गंगोत्री चारों धामों में बर्फबारी, मैदानों में बादल-बूंदाबांदी से छूटी कंपकंपी; मौसम पर आईएमडी अलर्ट 
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तान टीमWed, 31 Jan 2024 07:43 PM
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उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। केदारनाथ-बदरीनाथ, गंगोत्री समेत चारों धामों, हर्षिल, मद्महेश्वर,  तुंगनाथ आदि इलाकों में बर्फबारी हुई है। आईएमडी की ओर से उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान में अलर्ट जारी किया गया है। 

मौसम विभाग ने 01 फरवरी को भी पूरे प्रदेश में बारिश एवं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट रखा है। बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में ठंड प्रकोप जारी है। केदारनाथ धाम में बुधवार शाम तक करीब 2 फिट बर्फ गिर चुकी थी।

जबकि, हनुमानचट्टी से लेकर पूरी बद्रीनाथपुरी  बर्फ से ढक गई है। बर्फबारी की वजह से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के बाद मैदानी शहरों में तापमान में गिरावट दर्ज होने के बाद लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। 

उत्तराखंड में बदला मौसम, पहाड़ों में बर्फबारी-मैदानों में बादल-बूंदाबांदी
उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बुधवार को मौसम का मिजाज बदल गया है। पहाड़ों में कई जगह बर्फबारी, मैदानों में बादल छाए रहे और कई जगह बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को भी पूरे प्रदेश में बारिश एवं पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट रखा है। 

मौसम निदेशक डॉ. बिक्रम सिंह ने बताया कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिलों में ढ़ाई हजार मीटर या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले इलाकों में भारी से भारी बर्फबारी की संभावना है। मैदानी इलाकों में भी बारिश की संभावना है। दो से पांच फरवरी तक भी हल्की से मध्यम बारिश, बर्फबारी कहीं कहीं हो सकती है। सभी जिलों के डीएम एवं आपदा प्रबंधन को अलर्ट भेजा गया है।

मौसम ने बदली करवट गंगोत्री, यमनुोत्री में हुई बर्फबारी
उत्तरकाशी जिले के गंगोत्री, यमुनोत्री धाम सहित मुखबा, हर्षिल आदि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है। जबकि जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश की हल्की बूंदाबांदी हुई है। जिससे समूचे जनपद में ठंड बढ़ गई है।

जिले में बुधवार सुबह मौसम ने करवट ली और गंगोत्री, यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल, धराली, मुखबा सहित आसपास की ऊंवाई वाली पहाड़ियों पर मिली। जबकि जिले के नीचले क्षेत्रों में दोपहर तक काले व घने बादल छाने के साथ ही बारिश की हल्की बूंदाबांदी होती रही।

गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित राजेश सेमवाल ने बताया कि गोमुख से लेकर गंगोत्री, भैरव घाटी, हर्षिल, मुखबा व आसपास के क्षेत्रों में बर्फबारी का सिलसिला जारी है। इस साल में दूसरी बार हुई यह बर्फबारी सेब की फसल के लिए वरदान है।

उन्होंने कहा कि बर्फबारी के बाद सर्द हवाओं के साथ ठिठुरन बढ़ गई है। वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय में मंगलवार देर रात से आसमान में घने काले बादल छाये रहे। जबकि जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र में कहीं-कहीं पर हल्की बारिश हुई।

बर्फबारी के कारण बढ़ी ठंड
बर्फबारी के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में ठंड बढ़ गई है। मंगलवार को जनपद मुख्यालय में आसमान पूरी तरह धने बादलों से घिरा रहा। इस बीच सर्द हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई और लोग ठंड के चलते अपने घरों में अलाव का सहारा लेते दिखाई दिए।

केदारनाथ सहित ऊंची पहाड़ियों पर हुई बर्फबारी
केदारनाथ सहित हिमालय की ऊंची पहाड़ियों में बर्फबारी शुरू हो गई है। बुधवार को सुबह से ही केदारनाथ धाम में बर्फबारी हुई जबकि मद्महेश्वर और तुंगनाथ, चन्द्रशिला में भी बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ धाम में देर सायं तक एक फीट से अधिक नई बर्फ जमा हो गई है।
बीते लम्बे समय बाद हिमालय की पहाड़ियों में बर्फबारी हुई है।

बर्फबारी होने से हिमशिखरों को नई ऊर्जा मिली है। जबकि आने वाले दिनों में जल संकट का खतरा भी कम हुआ है। बुधवार सुबह 9:30 बजे से केदारनाथ धाम में बर्फबारी हो रही है। दोपहर में बर्फबारी हल्की रुकी सी किंतु फिर बर्फबारी जारी है। देर शाम तक केदारनाथ धाम में एक फीट से अधिक नई बर्फ जमा हो गई है।

वहीं तुंगनाथ, चन्द्रशिला और मद्महेश्वर में भी बर्फबारी हो रही है। केदारनाथ में बर्फबारी होने से यहां तापमान लुढ़क गया है। ठंडक बढ़ गई है जबकि निचले इलाकों में शीतलहर भी चलने लगी है। इधर, मुख्यालय सहित सभी निचले स्थानों में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। धूप न निकलने से लोग घरों में ही रहे।

मौसम ने बदली करवट, ठंड से लोग बेहाल
मौसम के करवट बदलने के साथ ही फिर से ठंड का कहर छा गया। रुड़की में सुबह सूर्योदय के साथ-साथ कोहरा छाने लगा। इसके कुछ देर बाद थोड़ी धूप तो निकली लेकिन ठंड से राहत नहीं मिल सकी। कुछ देर तक धूप ने आंख मिचौली खेली। इसके बाद फिर से आसमान में कोहरे के बादल से छा गए। इससे तापमान में गिरावट आई और ठंड बढ़ गई।

दो-तीन दिनों से दोपहर में निकली धूप के चलते लोगों को ठंड से राहत जरूर मिली थी, लेकिन बुधवार को फिर से ठंड बढ़ गई। इससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। शहरवासियों से लेकर ग्रामीणों को फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा है। मौसम के आ रहे बदलाव से कपड़ों के कारोबारियों में भी व्यापार को लेकर संशय बना हुआ है।

रोजाना धूप खिलने के बाद कपड़ों के कारोबारियों ने भी गर्मी के कपड़ों को पैक करने की तैयारी कर ली थी। इसके बाद बुधवार मौसम ने एक बार फिर से करवट बदली। सुबह सूर्योदय के साथ-साथ कोहरा भी छाने लगा। इसके कुछ देर बाद थोड़ी धूप तो निकली लेकिन ठंड से राहत नहीं दिला पाई।

कुछ देर तक धूप ने आंख मिचौली खेली। इसके बाद फिर से आसमान में कोहरे के बादल से छा गए। इससे तापमान में गिरावट आई और ठंड बढ़ गई। पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बरसात के अनुमान का असर आसपास के क्षेत्र में भी साफ दिखाई दिया। दो-तीन दिनों तक दोपहर में निकली धूप से लोगों को लग रहा था कि अब ठंड खत्म होने को है।

दोपहर में लोगों ने ज्यादा गर्म कपड़ों से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। लेकिन फिर से बढ़ी ठंड के चलते लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लेने के लिए मजबूर हो गए हैं। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए।

चम्पावत में पहाड़ से मैदान तक कोहरे का सितम
चम्पावत जिले के पहाड़ी हिस्से से लेकर मैदानी क्षेत्र तक बुधवार को कोहरा छाया रहा। इससे ठंड में काफी इजाफा हो गया। चम्पावत में न्यूनतम तापमान तीन डिग्री तो लोहाघाट में माइनस में दर्ज किया गया। मैदानी क्षेत्र टनकपुर बनबसा में आधे दिन तक कोहरे ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया।

दोपहर बाद यहां कोहरा छंटा। वहीं पहाड़ में दस बजे बाद हल्की धूप निकली। हालांकि धूप में तेजी नहीं रही। आसमान में दिनभर बादल छाए रहे। कोहरे के कारण मैदानी इलाकों में सुबह के समय वाहन चालक लाइट जलाकर चलते दिखे।

यहां न्यूनतम तापमान छह से सात डिग्री रहा। ठंड के कारण लोगों के अलाव जलाकर राहत ली। बारिश न होने के कारण सूखी ठंड में लोग बीमार भी हो रहे हैं। पीएमएस डॉ. पीएस खोलिया ने कहा कि लोगों को गर्म भोजन और पानी का सेवन करना चाहिए।

नैनीताल में बदला मौसम बादल छाए
नैनीताल में बुधवार सुबह मौसम में अचानक करवट बदली। सुबह की शुरुआत चटक धूप के साथ हुई। पर दोपहर 12 बजे के बाद अचानक नैनीताल में कोहरा छा गया। देखते ही देखते आसमान में बादल उमर आए । मौसम के अचानक बदले इस रुख से नैनीताल में ठंड बढ़ गई। मौसम विभाग ने शुक्रवार से ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश का अनुमान जिताया है ऐसे में नैनीताल में भी बारिश हुआ बर्फबारी की उम्मीद जताई जा रही है।
 

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