फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मौसमबंगाल की खाड़ी में आने वाला है भयंकर तूफान, IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में आने वाला है भयंकर तूफान, IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल ने बताया, "अगले सप्ताह बंगाल की दक्षिणी खाड़ी पर एक कम दबाव प्रणाली निश्चित रूप से विकसित होगी।''

बंगाल की खाड़ी में आने वाला है भयंकर तूफान, IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Sun, 19 May 2024 11:02 AM
ऐप पर पढ़ें

Cyclone Forecast: मॉनसून के आगमन से पहले बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र बनता दिख रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 मई के आसपास बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी के ऊपर इसकी भविष्यवाणी की है। वहीं, कुछ फ्रीलांस मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं ने का कहना है कि इसके कारण तीव्र चक्रवात की भी संभावना बन रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में आईएमडी के मौसम विज्ञान के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र के हवाले से कहा, "कम दबाव का क्षेत्र मॉनसून को अंडमान सागर और उससे सटे बंगाल की खाड़ी के ऊपर आगे बढ़ने में मदद करेगा। हालांकि, इसके केरल में मॉनसून की शुरुआत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।" उन्होंने कहा कि इससे ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात और इसके आसपास के राज्य प्रभावित होंगे। 

इस मौसम पैटर्न के बाद में चक्रवात में बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता ह, क्योंकि मई को चक्रवात निर्माण का महीना माना जाता है। यह चक्रवात में तब्दील होगा या नहीं, इसकी पुष्टि करना अभी जल्दबाजी होगी। यदि कोई चक्रवात बनता है तो मॉनसून की प्रगति पर इसके प्रभाव का अभी अनुमान नहीं लगाया जा सकता है, क्योंकि यह इसके मार्ग और तीव्रता पर निर्भर करेगा।

स्काईमेट वेदर सर्विसेज के अध्यक्ष जीपी शर्मा ने कहा कि इस प्रणाली में चक्रवात बनने की काफी संभावना है, लेकिन इससे मॉनसून की प्रगति में बाधा आने की संभावना नहीं है। शर्मा ने कहा, "इस बात की पर्याप्त संभावनाएं हैं कि बंगाल की खाड़ी प्रणाली धीरे-धीरे चक्रवात में बदल सकती है। जब यह बनेगा तो इससे मॉनसून की प्रगति बाधित होने की संभावना नहीं है, बल्कि यह केवल इसकी प्रगति में मदद करेगा।"

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल ने बताया, "अगले सप्ताह बंगाल की दक्षिणी खाड़ी पर एक कम दबाव प्रणाली निश्चित रूप से विकसित होगी। वहां समुद्र की सतह का तापमान काफी गर्म है, इसलिए समुद्र की स्थिति अनुकूल है। मैडेन-जूलियन ऑसीलेशन जल्द ही वहां पहुंच रहा है, जिससे हवाएं भी अनुकूल हो रही हैं।''