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Hindi News मौसमगर्म हवाओं ने झुलसाया तो चिलचिलाती धूप से बेहाल, अगले दो दिन और आएगी आफत या मिलेगी राहत?

गर्म हवाओं ने झुलसाया तो चिलचिलाती धूप से बेहाल, अगले दो दिन और आएगी आफत या मिलेगी राहत?

लगातार बढ़ती गर्मी के बीच राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने लोगों को हीट वेव से बचाव के लिए सुझाव जारी किए हैं। इसके जरिये हीट वेव के दुष्प्रभाव की जानकारी देते हुए बचाव के उपाय सुझाए गए।

गर्म हवाओं ने झुलसाया तो चिलचिलाती धूप से बेहाल, अगले दो दिन और आएगी आफत या मिलेगी राहत?
Himanshu Kumar Lallदेहरादून, हिन्दुस्तानTue, 28 May 2024 05:40 PM
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उत्तराखंड के मैदानी शहरों में गर्म हवाओं और चिलचिलाती धूप ने लोगों को बेहाल कर दिया। लगातार दूसरे दिन तापमान 40 डिग्री पार रहा।  रुड़की, काशीपुर, रुद्रपुर, देहरादून, विकासनगर, ऋषिकेश आदि मैदानी शहरों में गर्म हवाओं के थपेड़ों के चलते लोग गमछे, स्कार्फ और चश्मे पहनकर बाहर निकले। दोपहर के समय कई सड़कों पर सन्नाटे जैसी स्थिति रही।

मौसम निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार, मैदान में दो दिन पारा 40 के आसपास ही रहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बारिश एवं तेज हवाओं के आसार बने हैं। हरिद्वार-यूएसनगर को छोड़कर बाकी जिलों में 28, 29 और 30 मई को हल्की बारिश हो सकती है।

देहरादून में पारा 40 के पार
देहरादून में लगातार दूसरे दिन पारा 40 डिग्री के पार रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है।  जबकि, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा 26.7 डिग्री दर्ज किया गया। गर्म हवाओं और बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी। दोपहर के वक्त लोग अपने घरों में कैद रहे।  

यूएसडीएमए ने हीट वेव से बचाव के सुझाव दिए
लगातार बढ़ती गर्मी के बीच राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने लोगों को हीट वेव से बचाव के लिए सुझाव जारी किए हैं। इसके जरिये हीट वेव के दुष्प्रभाव की जानकारी देते हुए बचाव के उपाय सुझाए गए। यूएसडीएमए के आईईसी विशेषज्ञ मनीष भगत ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है।

भगत ने कहा कि लोगों को अत्यधिक गर्मी के दिन घर-कार्यालय से बाहर निकलने से बचने एवं नियमित अंतराल में पानी पीने, स्वास्थ्य की जांच कराने को कहा गया है। बीमार-बुजुर्ग लोगों को इस मौसम में विशेष एहतियात रखने की सलाह दी गई है।

सेहत पर गर्मी की मार, ओपीडी में मरीज 2100 पार
गर्मी की वजह से लोग परेशान हो रहे हैं। डायरिया, डिहाइड्रेशन, स्किन एवं आंखों की समस्या को लेकर लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। सोमवार को दून अस्पताल में ओपीडी में 2125 मरीज पहुंचे। सबसे ज्यादा मेडिसिन विभाग में फिजिशियन के पास 450 से ज्यादा मरीज पहुंचे।

वहीं नेत्र रोग विभाग में डॉक्टरों ने करीब 150 से ज्यादा मरीज देखे। लोग आंखों में सूखापन, लालिमा की समस्या लेकर आ रहे हैं। स्किन विभाग में करीब 200 मरीज ओपीडी में देखे गए। स्किन झुलसने, काली पड़ने एवं दाने, घमोरियों की शिकायत वाले मरीज है। उधर, पीडिया और मेडिसिन वार्डों में भी मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

हरिद्वार में पांच साल बाद मई में शनिवार को सर्वाधिक रहा था तापमान
हरिद्वार में पांच साल बाद मई में तापमान 44 पहुंच गया। तीन दिन पहले शनिवार को तापमान 44 पहुंच गया था, जो पिछले पांच साल में मई महीने का सबसे अधिक तापमान है। सोमवार को धर्मनगरी का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रहा। 2019 में 30 मई को तापमान 44 पहुंचा था।

धर्मनगरी में धूप की तपिश बढ़ती जा रही है। पिछले दो सप्ताह से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। जून में और अधिक गर्मी पड़ने का अनुमान है। सोमवार को धर्मनगरी में अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिन के विपरीत रात को भी गर्मी का एहसास बन गया है।

दिन में गर्मी से बचाव के लिए लोग पेयजल पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। जून में तापमान फिर से 44 पहुंचने का अनुमान है। बहादराबाद कृषि अनुसंधान केंद्र के मुताबिक 2019 के बाद मई में तापमान 44 तक पहुंचा है, जबकि जून में ही 44 तक हरिद्वार का तापमान पहुंचता था।

शनिवार को हरिद्वार का तापमान 44 हो गया था। जबकि इसी महीने 43 डिग्री भी तापमान रहा है। न्यूनतम तापमान 24 से 27 डिग्री तक पहुंच गया है। रविवार को न्यूनतम तापमान 25 डिग्री था, जो सोमवार को 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

2020 में 35 से ऊपर नहीं गया था तापमान 
2020 में लॉकडाउन में हरिद्वार में मई का तापमान पहली बार 35 से ऊपर नहीं पहुंचा था। उस समय कम तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जो पिछले 30 सालों बाद हुई थी।

इस तरह करें बचाव
वरिष्ठ त्वचा विशेषज्ञ डॉ. के स्वरूप ने लोगों को दिन में सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक तेज धूप में आवागमन करने से बचने की सलाह दी है। साथ ही फुल बाजू की कमीज, सूती कपड़ों और दस्तानों का उपयोग करने और 15 से 30 फीसदी सन प्रोटेक्शन फैक्टर वाली सन प्रोटेक्टेड क्रीम लगाने की सलाह दी है। साथ ही त्वचा संबंधी समस्या होने पर त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श करने और घर पर इलाज करने से बचने की भी सलाह दी है।