फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मौसममध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 सितंबर तक भारी बारिश के आसार, IMD का पूर्वानुमान

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 सितंबर तक भारी बारिश के आसार, IMD का पूर्वानुमान

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 4 से 7 सिंतबर तक और मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी होने की पूरी संभावना है। साथ ही विदर्भ में 5-7 सितंबर तक बारिश के आसार बन रहे हैं।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 7 सितंबर तक भारी बारिश के आसार, IMD का पूर्वानुमान
Himanshu Jhaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्ली।Sun, 03 Sep 2023 08:33 AM
ऐप पर पढ़ें

IMD Weather News 3 September: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 3 सितंबर के लिए अपना पूर्वानुमान जारी किया है। आईएमडी के मुताबिक, असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आज भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी आज अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन दोनों राज्यों में 6 सितंबर तक बारिश का दौर रहेगा।

आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में 4 से 7 सिंतबर तक और मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को अलग-अलग जगहों पर भारी होने की पूरी संभावना है। साथ ही विदर्भ में 5-7 सितंबर तक बारिश के आसार बन रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र में 3 से 7 सितंबर तक हल्की से भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान बिजली गिरने की भी संभावना है। 

हिमाचल में पहाड़ी काटने पर दो सप्ताह का प्रतिबंध
हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रभावित इमारतों और सड़कों के पुनर्निर्माण को छोड़कर किसी भी प्रकार की निजी विकास और निर्माण गतिविधि के लिए पहाड़ी काटने पर 16 सितंबर तक दो सप्ताह के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने शनिवार को यह जानकारी दी। इसके अलावा, शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सोलन और चंबा जिलों में वाणिज्यिक या पर्यटन इकाइयों के लिए योजना और भवन निर्माण की नई अनुमति पर भी दो सप्ताह के लिए रोक लगा दी गई है।

प्रवक्ता ने कहा कि चालू मानसून के मौसम के दौरान, राज्य भर में विनाशकारी भूस्खलन, भूमि धंसाव, नदी-तट विफलता और गंभीर कटाव सहित अभूतपूर्व पर्यावरणीय बाधाएं आई हैं। इससे जीवन और संपत्तियों की दुखद क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन, आवास, बुनियादी ढांचे के लिए अत्यधिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और पहाड़ी राज्य के नाजुक पारिस्थितिक पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और उल्लंघन से कानून के मुताबिक निपटा जाएगा।