सावधान! आ रहा समंदर से उठा बादलों का 'सफेद कुनबा', कम दबाव क्षेत्र भी बन रहा; कहां-कहां महा-बारिश का रेड अलर्ट

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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IMD Alert for Heavy Rain: IMD ने उत्तर-पश्चिम भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय बने रहने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। विभाग के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 19 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। 

सावधान! आ रहा समंदर से उठा बादलों का 'सफेद कुनबा', कम दबाव क्षेत्र भी बन रहा; कहां-कहां महा-बारिश का रेड अलर्ट

IMD Weather Updates: भारत मौसम विभाग (IMD) ने ताजा बुलेटिन में कहा है कि भारत के ऊपर मॉनसून एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाने को तैयार है। IMD ने सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए एक चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है, जिसमें अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बादलों का एक विशाल 'व्हाइट जोन' यानी सफेद बादलों का झुंड सक्रिय होकर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह मॉनसूनी नमी से भरा हुआ सफेद बादलों का कुनबा उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश ला सकता है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा है 'लो प्रेशर'

दूसरी तरफ, मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 24 घंटों के भीतर उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से अगले 7 दिनों के दौरान पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है।

ओडिशा पर 'महा-बारिश' का खतरा

लगे हाथ IMD ने ओडिशा के लिए विशेष चेतावनी जारी की है और कहा है कि वहां महा-बारिश हो सकती है। IMD ने कहा है कि ओडिशा में 14 और 15 जुलाई को कुछ स्थानों पर 204 मिमी से भी ज्यादा अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। पिछले 24 घंटों में ही ओडिशा के केंद्रपाड़ा में 16 सेमी और बिहार के पश्चिमी चंपारण में 14 सेमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। भारी बारिश के कारण शहरी इलाकों में जलभराव, सड़कों पर बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत का हाल

जहाँ एक तरफ पूर्वी भारत भीग रहा है, वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में लोग गर्मी और भारी उमस से परेशान हैं। IMD ने कहा है कि इन इलाकों में अगले 6-7 दिनों तक बारिश कम रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा है कि इन क्षेत्रों में 16 जुलाई तक गर्म और उमस भरा मौसम परेशानी पैदा कर सकता है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान 37-39°C के बीच रहने का अनुमान है, हालाँकि शाम तक हल्की बूंदाबांदी राहत दे सकती है। मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 19 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। विभाग ने इस क्षेत्र के कई हिस्सों में आंधी, तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है, जबकि हफ्ते के अंतिम हिस्से में हिमालयी राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।

पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?

IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, पर्वतीय इलाकों यानी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 14-17 जुलाई के बीच अलग-अलग जगहों पर छिटपुट बारिश होने का अनुमान है, जबकि 18-19 जुलाई को यह अधिक इलाकों में फैल जायेगी। IMD ने कहा है कि उत्तराखंड में भी 14 से 19 जुलाई के बीच व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि 15-19 जुलाई के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 18 और 19 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुज़फ़्फ़राबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान लगाया है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

दक्षिण में 'लू' का कहर और मछुआरों को चेतावनी

हैरानी की बात यह है कि मॉनसून के मौसम में भी दक्षिण भारत के कुछ हिस्से तप रहे हैं। IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और रायलसीमा में 14-15 जुलाई को लू (Heat Wave) चलने की चेतावनी दी है। इसके अलावा, खराब मौसम और तेज हवाओं (60-80 किमी/घंटा तक) के कारण मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के तटों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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