सावधान! आ रहा एक और पश्चिमी विक्षोभ, इन राज्यों में मूसलाधार बारिश; गरज-चमक पर IMD का अलर्ट
IMD Updates Delhi Bihar UP Weather: मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार जैसे क्षेत्रों में मध्यम से तीव्र स्तर की बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं।
IMD Updates Delhi Bihar UP Weather: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में जारी प्रचंड गर्मी और लू (Heat Wave) के प्रकोप के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राहत वाली गुड न्यूज दी है। IMD ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि इसी हफ्ते एक नया और ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) आ रहा है, जिससे उत्तर पश्चिमी भारत में राहत की बारिश होने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक, 2 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी।
IMD ने इस मौसमी दशा के मद्देनजर, 2 और 3 जुलाई को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में भी 2 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा तीन से पांच जुलाई के दौरान पूर्वी राजस्थान के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने और कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनसुार इस हफ्ते की शुरुआत में जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है, वहीं नमी अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी पड़ेगी।
यूपी-बिहार समेत इन इलाकों में लू का प्रकोप
हालांकि, IMD ने कहा है कि इससे पहले उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में लू (Heat Wave) का प्रकोप बना रहेगा। मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वी मध्य प्रदेश के इलाके अभी भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। IMD ने उत्तर प्रदेश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है और कहा है कि वहाँ अगले दो से तीन दिनों तक लू की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, राहत की खबर यह है कि 30 जून से उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना जताई गई है। IMD ने कहा है कि इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक (Thunderstorm) की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
पूर्वोत्तर और बंगाल के लिए भारी बारिश का 'रेड अलर्ट'
इससे इतर IMD ने अगले पांच दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 29 और 30 जून को असम, मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इन क्षेत्रों में 7 से 20 सेमी तक या उससे भी अधिक बारिश होने की चेतावनी दी गई है। IMD ने कहा है कि पिछले 24 घंटों के दौरान मेघालय में 39 सेंटीमीटर की असाधारण बारिश रिकॉर्ड की गई है। अरुणाचल प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 'बहुत भारी' वर्षा दर्ज की गई है।
मॉनसून की प्रगति का ताजा हाल
IMD ने कहा है कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार के कुछ भागों से होकर गुजर रही है और इसके आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ अत्यंत अनुकूल बनी हुई हैं। विभाग के मुताबिक, अगले 2-3 दिनों के दौरान मॉनसून के गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में दस्तक देने की उम्मीद है। IMD के मुताबिक, इसके बाद अगले 5-6 दिनों में यह हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के शेष हिस्सों को भी कवर कर सकता है।
आंधी-तूफान और बिजली की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में गंगीय पश्चिम बंगाल और पश्चिम मध्य प्रदेश में 61 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों के दौरान मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और बिहार जैसे क्षेत्रों में मध्यम से तीव्र स्तर की बिजली (Lightning) गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, जिसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान जारी करते हुए IMD ने कहा है कि पश्चिमी तट पर कोंकण, गोवा और केरल में भी बारिश की गतिविधियाँ बढ़ने के आसार हैं।
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


