अगले 24 घंटे काफी अहम... झाररखंड, UP-MP समेत इन राज्यों में भारी तबाही की आशंका! IMD का महा-अलर्ट

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
Follow us on Google News
share

Next 24 hours crucial Weather Forecast: मौसम विभाग ने कहा कि मॉनसून के प्रभाव से दार्जिलिंग, कलिमपोंग, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जैसे उप-हिमालयी जिलों में 21 अगस्त की सुबह तक भारी बारिश होगी।

Weather Update Today, IMD rain alert
मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

IMD Alert Weather Forecast: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि बंगाल की खाड़ी से उठा डिप्रेशन अब झारखंड और उससे सटे गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों के ऊपर पहुंच चुका है। इसके प्रभाव से अगले 24 से 48 घंटों में कई राज्यों में मॉनसून का अत्यंत रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। हलांकि कोलकाता और आस-पास के इलाकों में मौसम बेहतर होने की उम्मीद जगी है। एक दिन पहले शहर में लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया था। लेकिन IMD ने झारखंड की ओर बढ़ रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण बंगाल के कई जिलों में अभी भी भारी बारिश होने के आसार जताए हैं। IMD के मुताबिक, बुधवार की सुबह तक पश्चिमी जिलों- पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्धमान, बीरभूम, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में भारी बारिश होने की संभावना है।

इन दो राज्यों के अलावा भी IMD ने देश के एक बड़े हिस्से के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि आज यानी 18 अगस्त को उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है। वहीं, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 अगस्त को आसमान से आफत बरस सकती है। इसके अलावा ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

बीते 24 घंटों में मची भारी तबाही

देश के कई हिस्सों में पहले ही रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 21 सेंटीमीटर या उससे अधिक की 'अत्यधिक भारी बारिश' दर्ज की गई है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश में बहुत भारी (12-20 सेमी) बारिश दर्ज हुई है।

समुद्र में उफान, मछुआरों को सख्त चेतावनी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 19 अगस्त की सुबह तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी, पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के पास समुद्र की स्थिति बेहद खराब से बहुत खराब रहेगी। इस दौरान हवा की गति 40-50 किमी/घंटा से लेकर झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। मछुआरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे 19 अगस्त की सुबह तक समुद्र में न जाएं।

दिल्ली-NCR में मौसम का मिजाज

मौसम विभाग ने कहा है कि राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में अगले कुछ दिनों (18 से 21 अगस्त) तक मुख्य रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। दिल्ली में दोपहर या शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश की फुहारें पड़ सकती हैं, जबकि 19 और 20 अगस्त को कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश की भी संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 32°C से 36°C के बीच रहने की उम्मीद है।

कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम, जानें

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi Newsमौसम न्यूज़अगले 24 घंटे काफी अहम... झाररखंड, UP-MP समेत इन राज्यों में भारी तबाही की आशंका!