बिहार की दहलीज पर पहुंचा मॉनसून, IMD ने दी खुशखबरी; इन राज्यों में अगले 5 दिन झमाझम बारिश, तूफान भी

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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IMD Weather Alert Monsoon 2026: मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली में अगले दो दिनों तक आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 42°C से 44°C के बीच रहने की संभावना है। हालांकि, 11 जून की शाम से मौसम में बदलाव आ सकता है।

बिहार की दहलीज पर पहुंचा मॉनसून, IMD ने दी खुशखबरी; इन राज्यों में अगले 5 दिन झमाझम बारिश, तूफान भी

IMD Weather Alert Monsoon 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम पूर्वानुमान के ताजा बुलेटिन में कहा है कि बंगाल की खाड़ी की शाखा वाला मॉनसून बिहार की दहलीज तक पहुंच गया है। यानी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे पूर्वोत्तर में पहुंचने के बाद अब बिहार की तरफ बढ़ते हुए पूरे सिक्किम और हिमालयी पश्चिम बंगाल को ढक चुका है। उसका अगला पड़ाव पूर्वी बिहार और पश्चिम बंगाल होगा। IMD के मुताबिक, बिहार-झारखंड और पश्चिम बंगाल में मॉनसून के पहुंचने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं और अगले एक दो दिनों में यह इन राज्यों में दस्तक दे सकता है।

IMD ने कहा है कि मॉनसून की उत्तरी सीमा आज (मंगलवार, 9 जून को)हरनई, सोलापुर, कालाबुरगी, नंदीयाल, चेन्नई और सिलीगुड़ी जैसे क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। मौसम विभाग ने भविष्यवाणी की है कि अगले 4-5 दिनों के दौरान मॉनसून के महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियाँ पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं।

किन-किन राज्यों में झमाझम बारिश

मॉनसून की रफ्तार और सक्रियता को देखते हुए IMD ने कहा है कि इस सप्ताह यानी 9 से 15 जून तक पूर्वोत्तर और दक्षिण के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। IMD के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 15 जून के दौरान व्यापक वर्षा होने की संभावना है। इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 CM) की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भी पूरे सप्ताह (9-15 जून) झमाझम बारिश के आसार जताए गए हैं।

बिहार-झारखंड में कब बारिश?

मौसम विभाग के मुताबिक, गंगीय पश्चिम बंगाल में 10-12 जून, ओडिशा में 11-12 जून, बिहार में 11 जून और झारखंड में 12-13 जून को व्यापक बारिश हो सकती है। IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के प्रभाव से केरल, तटीय कर्नाटक और लक्षद्वीप में 9 से 15 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 9 से 15 जून के दौरान अलग-अलग स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। आंतरिक कर्नाटक (उत्तरी और दक्षिणी) में भी 9-12 जून के बीच व्यापक वर्षा के आसार हैं।

उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर

IMD ने कहा है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) 11 जून से सक्रिय होने जा रहा है। इसकी वजह से 11 और 12 जून को उत्तर-पश्चिमी भारत में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश, ओलावृष्टि और 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। IMD ने कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाडी राज्य उत्तराखंड में 9 से 15 जून तक, जबकि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 11-12 जून को व्यापक बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।

दिल्ली और मैदानी इलाकों का क्या हाल?

IMD ने कहा है कि उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 9 से 15 जून के दौरान बारिश के आसार हैं। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में भी 11 से 15 जून के बीच गरज के साथ छींटे, ओलावृष्टि और 50-60 किमी/घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 जून के बीच बारिश की संभावना जताई गई है। IMD ने मध्य प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी), छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी 9 से 15 जून के दौरान बारिश होने की संभावना जताई है।

उत्तर भारत में लू (Heatwave) का प्रकोप

जहाँ एक ओर मॉनसून आगे बढ़ रहा है, वहीं उत्तर भारत के कई राज्य भीषण गर्मी की चपेट में हैं। पिछले 24 घंटों में राजस्थान के श्रीगंगानगर में देश का सर्वाधिक तापमान 45.6°C दर्ज किया गया । दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 9 से 11 जून के दौरान लू (Heatwave) चलने की चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 5.1°C तक अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि दिल्ली में अगले दो दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और अधिकतम तापमान 42°C से 44°C के बीच रहने की संभावना है। हालांकि, 11 जून की शाम से मौसम में बदलाव आ सकता है, जहाँ धूल भरी आंधी और गरज के साथ हल्की बारिश गर्मी से कुछ राहत दिला सकती है।

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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