सावधान! बंगाल की खाड़ी में फिर बना गहरे दबाव का क्षेत्र, तेजी से बढ़ रहा आगे; कहां-कहां भारी बारिश का अलर्ट

Jan 08, 2026 10:42 pm ISTPramod Praveen वार्ता, नई दिल्ली
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Weather Updates: IMD ने आशंका जताई है कि अगले 24 घंटों के दौरान यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और शुक्रवार शाम/रात तक हंबनटोटा और कलमुनाई के बीच श्रीलंका तट को पार कर सकता है।

सावधान! बंगाल की खाड़ी में फिर बना गहरे दबाव का क्षेत्र, तेजी से बढ़ रहा आगे; कहां-कहां भारी बारिश का अलर्ट

Deep depression over southwest Bay of Bengal: दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव गुरुवार सुबह और गहरा गया है, जिसके शुक्रवार को श्रीलंका तट पार करने की संभावना है। मौसम विभाग ने ताजा पूर्वानुमान में बताया है कि दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर के ऊपर बना दबाव पिछले 6 घंटों में 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लगभग पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए एक गहरे दबाव में तब्दील हो चुका है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में, 6.3°N अक्षांश और 84.0°E देशांतर के पास, पोट्टुविल (श्रीलंका) से लगभग 250 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, हंबनटोटा (श्रीलंका) से 320 किमी पूर्व-उत्तर-पूर्व, बट्टिकलोआ (श्रीलंका) से 300 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, त्रिंकोमाली (श्रीलंका) से 400 किमी दक्षिण-पूर्व, कराईकल (पुडुचेरी) से 690 किमी दक्षिण-पूर्व और चेन्नई (तमिलनाडु) से 860 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में गहरा दबाव बना हुआ है। IMD ने कहा कि इसके अगले 12 घंटों के दौरान और तेज़ होने, उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और कल, 9 जनवरी 2026 की शाम/रात के आसपास पोट्टुविल और त्रिंकोमाली के बीच श्रीलंका के तट को पार करने की बहुत अधिक संभावना है।

11 जनवरी तक भारी बारिश का अनुमान

IMD ने आशंका जताई है कि अगले 24 घंटों के दौरान यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और शुक्रवार शाम/रात तक हंबनटोटा और कलमुनाई के बीच श्रीलंका तट को पार कर सकता है। मौसम विभाग ने 11 जनवरी तक तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिनमें कावेरी डेल्टा, उत्तरी जिले और उत्तरी तटीय क्षेत्र शामिल हैं।

मछुआरों को तुरंत वापस लौटने की चेतावनी

उधर, श्रीलंका मौसम विभाग ने गुरुवार को समुद्र में मौजूद मछुआरों को तुरंत वापस लौटने या सुरक्षित ठिकानों पर शरण लेने का आग्रह किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना 'गहरा दबाव' शुक्रवार को देश को प्रभावित कर सकता है, जिससे भारी भारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की सलाह भी दी है।

चक्रवात ‘दित्वा’ जैसी बारिश

मौसम विभाग का कहना है कि पिछले साल आए चक्रवात 'दित्वा' से प्रभावित हुए कई जिलों में 100 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए तैयार रहने को कहा है। इस बीच, सिंचाई विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि देश में भारी बारिश होती है, तो नदियों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार, कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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