सावधान! बंगाल की खाड़ी में गहराया 'डिप्रेशन', इन राज्यों में तबाही की बारिश और तूफान; IMD का 'रेड अलर्ट'

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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IMD Red Alert, Heavy Rain:  मौसम विभाग के अनुसार, डिप्रेशन का यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार से होकर गुजरेगा। इसके प्रभाव से अगले दो-तीन दिनअत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है।

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IMD ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा के तटों पर बना डिप्रेशन अब और अधिक आक्रामक हो गया है।

IMD Red Alert, Heavy Rain: मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा है कि उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा के तटों पर बना मौसम का सिस्टम (डिप्रेशन) अब और अधिक आक्रामक हो गया है। IMD के मुताबिक, कल का कम दबाव का क्षेत्र आज सुबह 05:30 बजे 'डिप्रेशन' (Depression) में तब्दील हो चुका है। इस लिहाज से विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि इस सिस्टम के प्रभाव से अगले तीन दिनों के दौरान गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

ओडिशा में बारिश का रौद्र रूप, 22 सेमी बारिश दर्ज

पिछले 24 घंटों में पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में मॉनसूनी बारिश ने रौद्र रूप दिखाया है। ओडिशा के भोगोराई में सबसे अधिक 22 सेंटीमीटर (अत्यंत भारी बारिश) दर्ज की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश लगातार दूसरे दिन जारी रहने के बीच ओडिशा में 2.37 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा उत्तराखंड के लिटी में 17 सेमी, उत्तर प्रदेश के बहेड़ी में 14 सेमी और सोनभद्र के चुरक में 15 सेमी, तथा पश्चिम बंगाल के सागर में 14 सेमी बारिश दर्ज की गई है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भी 12 से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।

इन राज्यों में 'अत्यंत भारी बारिश' का रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, डिप्रेशन का यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 24 घंटों में पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार से होकर गुजरेगा। इसके प्रभाव से अगले दो-तीन दिन ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। मौसम विभाग ने कहा है कि झारखंड में 18 अगस्त यानी कल अत्यधिक भारी बारिश बोने की संभावना है। इस दौरान तूफान चलने की भी संभावना है जिसमें हवा की स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। भारी बारिश के दौरान आसमानी बिजली कड़कने का भी अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने कहा है कि गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में कहीं-कहीं आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज़ हवाएं (60KM/घंटा) चलने की संभावना है।

बिहार के लिए विशेष चेतावनी

IMD ने बिहार के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 17 से 23 अगस्त के दौरान राज्य में भारी बारिश हो सकती है और आंधी तूफान आ सकता है। आज बिहार में मध्यम से लेकर तेज बिजली कड़कने (lightning activity) की भी गंभीर चेतावनी दी गई है, जिससे लोगों को विशेष सावधान रहने को कहा गया है। इसके अलावा पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले पांच दिनों तक कहीं कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। IMD ने कहा है कि 17-18 अगस्त के दौरान और 20-22 अगस्त के दौरान अरुणाच प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा 17-23 अगस्च के दौरान असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश होने की संभावना है।

समुद्र में उठेंगी ऊंची लहरें, मछुआरों को सख्त हिदायत

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तरी बंगाल की खाड़ी, ओडिशा, पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों पर 45 से 55 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति झोंकों के साथ 65 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। 18 अगस्त तक समुद्र की स्थिति बेहद खराब रहने की आशंका है, जिसके चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।

आम जनजीवन पर पड़ेगा असर: पेड़ उखड़ने और बाढ़ का खतरा

इस भीषण मौसम का असर यातायात और बुनियादी ढांचे पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि तेज हवाओं के कारण पेड़ और उनकी टहनियां टूट सकती हैं, विशेषकर केले, पपीते और सहजन जैसे पेड़ उखड़ सकते हैं। इसके अलावा निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़, कीचड़ का बहाव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं हो सकती हैं। IMD के मुताबिक, सड़क, रेल और हेलीकॉप्टर सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और भारी बारिश के कारण दृश्यता में कमी आ सकती है, जिससे आवागमन पर बुरा असर पड़ सकता है।

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

IMD ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और सटे NCR में 17 से 20 अगस्त के दौरान मौसम मुख्य रूप से बादलों से घिरा रहेगा और इस अवधि में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा है कि 17 अगस्त को आंशिक रूप से बादल छाए रहने और दोपहर से शाम के बीच कुछ स्थानों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने का अनुमान है, जिसके साथ अधिकतम तापमान 34-36°C रहेगा। वहीं, 18 अगस्त को तापमान गिरकर 32-34°C (अधिकतम) और 23-25°C (न्यूनतम) के बीच आ जाएगा और सुबह से दोपहर के बीच हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद, 19 और 20 अगस्त को मौसम में और बदलाव आएगा, जिसमें सुबह से दोपहर के दौरान कई जगहों पर हल्की और कुछ क्षेत्रों में मध्यम बारिश के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि शाम से रात के बीच फिर से बहुत हल्की बारिश हो सकती है। इसके अतिरिक्त, मौसम विभाग ने 17-18 अगस्त और आगे चलकर 21 अगस्त को दिल्ली, चंडीगढ़ और हरियाणा क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है।

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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