सावधान! मॉनसूनी रिमझिम फुहारों के बीच सताएगी प्रचंड गर्मी; IMD ने दिया कहां-कहां 'लू का अलर्ट'?
IMD ने ताजा पूर्वानुमानों में कहा है कि मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 13-19 जुलाई के दौरान, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15-19 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि तटीय आंध्र प्रदेश में लू चल सकता है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार (13 जुलाई) को जारी ताजा बुलेटिन में कहा है कि अगले 3-4 दिनों के दौरान बिहार और पश्चिम बंगाल में बारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही IMD ने कहा है कि झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश समेत उत्तर-पूर्व भारत के कुछ अन्य हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इस मॉनसूनी बारिश के दौर में IMD ने दक्षिणी भारत में लू का भी अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने कहा है कि इस हफ्ते तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में कुछ इलाकों में 13 से 15 जुलाई के दौरान भीषण लू चलने की संभावना है। इसके अलावा रायलसीमा,तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी इस दौरान भीषण गर्मी और उमस की चेतावनी जारी की गई है।
इस हफ्ते कहां-कहां बारिश के आसार?
IMD की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते (13 से 19 जुलाई के दौरान) देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। IMD ने कहा है कि इस हफ्ते पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में खासकर अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 13 से 19 जुलाई के दौरान व्यापक (Widespread) बारिश होने की प्रबल संभावना है। IMD ने कहा है कि मेघालय में 13 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और सिक्किम के उप-हिमालयी इलाकों में भी 13-19 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा होगी।
बिहार में बारिश का क्या हाल?
IMD ने कहा है कि गंगीय पश्चिम बंगाल में भी इसी अवधि के दौरान बारिश के आसार हैं। इसके अलावा बिहार के कई जिलों में 13 से 15 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है और उसके बाद 16-19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना जताई गई है। विभाग ने कहा है कि झारखंड में 14-17 जुलाई और ओड़िशा में भी 14-15 जुलाई को व्यापक बारिश हो सकती है। आईएमडी ने कहा है कि अगले चार दिनों के दौरान ओडिशा के कई हिस्सों में बिजली कड़कने और बारिश के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत और पहाड़ों पर कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने कहा है कि पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में पूरे हफ्ते यानी 13 से 19 जुलाई तक व्यापक बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश के पूर्वानुमान को लेकर 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी 13 से 17 जुलाई तक छिटपुट बारिश और फिर 18-19 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 13-17 जुलाई तक छिटपुट और 18-19 जुलाई को व्यापक बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 13-19 जुलाई तक छिटपुट बारिश के आसार हैं। IMD ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 13 से 19 जुलाई के दौरान छिटपुट या छिटपुट स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।
किन राज्यों में बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने कहा है कि पिछले 24 घंटों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के हासीमारा में 24 सेमी और बिहार के पश्चिमी चंपारण में 17 सेमी जैसी महत्वपूर्ण वर्षा दर्ज की गई है। इसके साथ ही IMD ने कहा है कि सोमवार (13 जुलाई) को मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश (≥21 सेमी) होने की प्रबल संभावना है। विभाग ने असम, मेघालय और सिक्किम के कुछ जल-ग्रहण क्षेत्रों में खासकर शहरी क्षेत्रों में जलभराव, कम दृश्यता और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन व अचानक आई बाढ़ (Flash Flood) के जोखिम की भी चेतावनी दी है।
मैदानी इलाकों में गर्मी का कहर
IMD ने कहा है कि इसके विपरीत, उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले 6-7 दिनों तक बारिश की गतिविधियां कम रहने के आसार हैं। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के लिए 13 से 15 जुलाई तक लू (Heat Wave) की स्थिति की चेतावनी दी गई है। ओड़िशा, रायलसीमा और तमिलनाडु में भी मौसम गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर का पूर्वानुमान
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में अगले चार दिनों तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। हालांकि, सोमवार दिन में 20-30 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी गति कभी-कभी 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। अगले कुछ दिनों में तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने का अनुमान है, जिससे अधिकतम तापमान 39°C तक पहुंच सकता है। विभाग ने कहा है कि पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियाँ हफ्ते के उत्तरार्ध में यानी 16 से 19 जुलाई के बीच शुरू हो सकती हैं, जबकि गुजरात क्षेत्र, सौराष्ट्र, कच्छ और मध्य महाराष्ट्र में 13-19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है।
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लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।
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