गन्ने का जूस निकालने वाले के सवा लाख इंस्टा फॉलोवर्स, लड़की बोली-छा गए भइया

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सोशल मीडिया आज किसी को भी ताकतवर बना सकती है। एक महिला को यह एहसास उस वक्त हुआ जब वह एक गन्ने के जूस की दुकान पर पहुंची। असल में जूस की दुकान के मालिक की इंस्टाग्राम पर जबर्दस्त फैन फॉलोविंग है।

गन्ने का जूस निकालने वाले के सवा लाख इंस्टा फॉलोवर्स, लड़की बोली-छा गए भइया

सोशल मीडिया आज किसी को भी ताकतवर बना सकती है। एक महिला को यह एहसास उस वक्त हुआ जब वह एक गन्ने के जूस की दुकान पर पहुंची। असल में जूस की दुकान के मालिक की इंस्टाग्राम पर जबर्दस्त फैन फॉलोविंग है। सिर्फ एक छोटे से ठेले पर दुकान चलाने वाले इस लड़के के इंस्टाग्राम पर एक लाख 25 हजार फॉलोवर हैं। वह अपने अकाउंट पर स्ट्रीट फूड, डेली लाइफ और हसल कल्चर के बारे में पोस्ट करता है। खास बात यह है कि उसके तमाम फॉलोवर्स और दर्शक जानते ही नहीं कि वह असल में गन्ने के जूस का ठेला चलाता है।

एक्स पर किया पोस्ट
पूजा नाम की इस महिला ने एक्स पर इस बारे में पोस्ट किया है। उसने कहाकि कल मैं बाजार में एक गन्ने के जूस के ठेले पर रुकी थी। वह आगे लिखती हैं कि अचानक मेरी नजर दुकान पर लिखी इंस्टा आईडी पर गई। शुरू में मुझे लगा कि यह सिर्फ एक मजाक है। लेकिन जब उस आईडी को चेक किया तो फॉलोवर्स की संख्या देखकर दंग रह गई। उस आईडी पर 125के फॉलोवर्स हैं। मैंने उससे कहा, भाई तुम तो बहुत बड़े इंफ्लुएंसर हो। इसके जवाब में जूस वाला मुस्कुराने लगा। उसने कहा, ऐसा कुछ नहीं है मैडम। मैं बस लगातार वीडियो पोस्ट करा रहता है। लोगों को यह पसंद आता है। पूजा लिखती हैं कि इससे उन्हें सबक मिला है कि कड़ी मेहनत करने वाला कोई भी इंसान छोटा नहीं होता। उन्होंने लिखा कि कुछ लोग के हाथ कैमरा आता है। कुछ लोगों के हाथ में गन्ने का जूस निकालने वाली मशीन। लेकिन दोनों ही अपना भविष्य बना रहे हैं।

टैलेंट स्टूडियो का मोहताज नहीं
पूजा ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट किया है कि उन्होंने फोटो से वह इंस्टा आइडी को हटा दिया है। पूजा की यह पोस्ट बड़े पैमाने पर वायरल हुई। लोगों ने इस पोस्ट पर जमकर कमेंट किए हैं। एक यूजर ने लिखा है कि आज के वक्त में टैलेंट और रीच बड़े ऑफिसेज और स्टूडियोज की मोहताज नहीं हैं। बहुत से लोग बहुत शानदार काम कर रहे हैं। सोशल मीडिया इनके लिए एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है। यह लोग अपना रोजाना का काम भी करते हैं, साथ ही साथ अपना शौक भी पूरा कर रहे हैं। कई बार तो बड़े-बड़े क्रिएटर ऐसी जगहों पर मिल जाते हैं, जहां हम उनके होने की उम्मीद ही नहीं करते।

सिर्फ बड़े शहरों में बड़े मौके नहीं
एक अन्य यूजर ने एक्स पर लिखा कि कई बार बड़े-बड़े लोग करोड़ों खर्च करके भी लॉयल फॉलोवर्स नहीं बना पाते हैं। लेकिन इस शख्स ने अपनी मेहनत और प्यारी मुस्कान से लोगों को अपना बना लिया है। एक अन्य शख्स ने कमेंट किया, वाह पूजा। बहुत ही दमदार कहानी है। गन्ने के जूस वाले भैया के 125के फॉलोवर्स, केवल लगातार पोस्ट करने से आए हैं।

कोई बड़ा स्टूडियो नहीं, कोई टीम नहीं। बस केवल असली काम और ऑथेंटिसिटी। यह साबित करता है कि 2026 में बड़े मौके, बड़े शहरों और फैन्सी नौकरियों में नहीं हैं। अगर आपके पास इच्छाशक्ति है तो यह किसी गली में काम करते हुए भी पाया जा सकता है।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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