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ट्रेन की छतों पर क्यों लगे होते हैं छोटे-छोटे ढक्कन, मिल गया जवाब

भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। रेलवे विभाग और ट्रेनों से संबंधित कई ऐसा रोचक सवाल हैं जो लोगों के मन में हमेशा बने रहते हैं। ऐसा ही एक मजेदार सवाल ट्रेन को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर...

ट्रेन की छतों पर क्यों लगे होते हैं छोटे-छोटे ढक्कन, मिल गया जवाब
Gauravलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीFri, 31 Dec 2021 01:48 PM

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भारतीय रेल को देश की लाइफलाइन कहा जाता है। रेलवे विभाग और ट्रेनों से संबंधित कई ऐसा रोचक सवाल हैं जो लोगों के मन में हमेशा बने रहते हैं। ऐसा ही एक मजेदार सवाल ट्रेन को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें पूछा गया कि ट्रेन की छतों पर छोटे छोटे डिब्बे या ढक्क्न क्यों लगे होते हैं। इसके जवाब कुछ लोगों ने दिए तो कुछ का सिर चकरा गया। आखिरकार इसका जवाब मिल गया है।

दरअसल, ट्रेन के कोच तो पूरी तरह पैक रहते हैं, सिर्फ दरवाजे और खिड़कियां खुली रहती हैं लेकिन कई बार यह भी बंद हो जाता है और एसी कोच में ऐसा ही होता है। ऐसे में कोच की छतों पर यह छोटे प्लेट इसलिए लगाए रहते हैं ताकि इनमें से हवा पास हो सके। इन छोटे छोटे ढक्कनों को रूफ वेंटिलेटर कहते हैं, ट्रेन के कोच में जब यात्रियों की संख्या ज्यादा हो जाती है इसके चलते एहतियातन इसे लगाया जाता है।

कुछ रिपोर्ट्स में एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया गया है कि लोगों को गर्मी या सफोकेशन से बचाने के लिए और हवा को पास करने के लिए ट्रेन के प्रत्येक कोच में यह खास व्यवस्था की जाती है और कोच के ऊपर गोलाकार रूप में यह डिजाइन बनाई जाती है। इनमें अंदर की तरफ एक जाली लगी होती है, जो गैस पास करती है और ऊपर प्लेटें लगाई जाती हैं ताकि बारिश में बाहर से पानी वगैरह अंदर ना आने पाए।

ट्रेन के एक कोच में कई प्लेटें लगाई जाती हैं जिससे हवा आसानी से पास होती रहे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि रूफ वेंटिलेटर ना लगने की वजह से अंदर काफी दिक्क्त हो सकती है। कोच के भीतर बढ़ने वाली गर्मी ट्रेन का संतुलन बिगाड़ भी सकती है, जिससे कुछ भी हादसा हो सकता है। यही कारण है कि यह पूरी प्रक्रिया अपनाई जाती है।

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