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देखें, कैसे SDRF ने तवी नदी की बाढ़ में डूब रही मासूम बच्ची को बचाया

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीPublished By: Gaurav
Thu, 29 Jul 2021 03:54 PM
देखें, कैसे SDRF ने तवी नदी की बाढ़ में डूब रही मासूम बच्ची को बचाया

भारत के पहाड़ी इलाके इस समय कुदरत के कहर से कांप रहे हैं। हाल ही में जम्मू कश्मीर और हिमाचल के कुछ हिस्सों में अचानक बादल फटने और बाढ़ की घटनाओं ने कई लोगों की जान ले ली है। इसी बीच एक वीडियो सामने आया है जिसमें दिख रहा है कि जवानों ने ऊधमपुर में भीषण बाढ़ में बह रही एक बच्ची को कैसे बचाया है।

दरअसल, यह घटना ऊधमपुर जिले के दारसू इलाके की है। यहां उफनती तवी नदी के बीच अचानक आई बाढ़ में एक बच्ची फंसी हुई थी। इस बच्ची को एसडीआरएफ के जवानों और उधमपुर पुलिस ने एक संयुक्त प्रयास के बाद बचा लिया है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान नदी में जलस्तर बहुत ही बढ़ा हुआ दिख रहा था। बच्ची को नाव के सहारे बचाया गया है।

इस घटना का वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई ने पोस्ट किया है। इसमें दिख रहा है कि कैसे इस बच्ची को बचाया गया है। इसमें चार जवान दिख रह रहे हैं और सभी नाव पर सवार हैं। नदी के बीच फंसी बच्ची के पास जवान उस नाव को लेकर पहुंच जाते हैं, इसके बाद बच्ची को नाव के सहारे ही नदी के बीच से किनारे लेकर आते हैं।

असल में, जम्मू कश्मीर में बीते कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है। जुलाई माह के अंत तक और अधिक बारिश होने का अनुमान लगाया गया था जिसके चलते किश्तवार के अधिकारियों ने जलाशयों के निकट रहने वाले और फिसलन वाले क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने को कहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में भारी बारिश हो सकती है जिससे नदियों और नालों में जल स्तर बढ़ सकता है और उनके निकट रहने वाले लोगों के लिए खतरा हो सकता है।

वहीं किश्तवाड़ में बुधवार को बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इस घटना में सात लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना मौके पर राहत और बचाव के काम में जुटी हुई है। सेना की 17 राष्ट्रीय राइफल्स की टीम मदद में जुटी हुई है। 

कोरोना महामारी को देखते हुए जम्मू कश्मीर प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को पिछले 2 सालों से रद्द कर रखा है। इस साल यह यात्रा 28 जून से शुरू होकर 22 अगस्त तक चलनी थी, लेकिन कोरोना की वजह से इसे लगातार दूसरे साल रद्द कर दिया गया। अमरनाथ की गुफा में बर्फ से प्राकृतिक शिवलिंग बनता है। यह सबसे कठिन तीर्थ यात्राओं में से एक है। यहां मौसम खराब रहता है। ऑक्सीजन की कमी रहती है। भूस्खलन और भारी बारिश का खतरा बना रहता है।

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