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यहां पैदा हुआ दुनिया का 'पहला' सफेद मगरमच्छ, दर्शन के लिए करना होगा इंतजार

100 सेमी से कम लंबाई वाले दोनों मगरमच्छ को उनके हालिया स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान ए+ प्राप्त हुआ। वे वर्तमान में कच्चे चिकन के छोटे टुकड़ों और अन्य पोषक तत्वों की खुराक का सेवन कर रहे हैं।

यहां पैदा हुआ दुनिया का 'पहला' सफेद मगरमच्छ, दर्शन के लिए करना होगा इंतजार
Amit Kumarलाइव हिन्दुस्तान,फ्लोरिडाFri, 08 Dec 2023 09:09 PM
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मगरमच्छ का नाम सुनते ही आपके जहन में काले या भूरे रंग के एक ऐसे जीव की तस्वीर सामने आती होगी जिसकी चौड़ी, गोल थूथन के साथ बेहद मजबूत त्वचा होती है। लेकिन क्या आपने कभी सफेद मगरमच्छ के बारे में देखा या सुना है! जी हां, दुनिया में पहली बार इंसानी देखरेख में सफेद रंग का मगरमच्छ सामने आया है। अमेरिकी राज्य फ्लोरिडा के गेटोरलैंड में व्हाइट क्रिसमस मनाया जा रहा है। लेकिन यह बर्फबारी के कारण नहीं, बल्कि एक असाधारण दुर्लभ ल्यूसिस्टिक सफेद मगरमच्छ के आगमन के कारण मनाया जा रहा है।

यह मगरमच्छ दुनिया भर में ज्ञात केवल आठ में से एक है। जानकर हैरानी होगी कि यह अनोखा मगरमच्छ इंसानी देखभाल में पैदा होने वाला अपनी तरह का पहला मगरमच्छ है। इस सफेद मगरमच्छ ने अपने आगमन के साथ ही वैश्विक स्तर पर दुर्लभ मगरमच्छों के सबसे बड़े घर के मालिक के रूप में गेटोरलैंड की स्थिति को मजबूत किया है। बता दें कि गेटोरलैंड फ्लोरिडा में स्थित एक थीम पार्क है जहां अनेकों दुर्लभ जीव हैं।

गेटोरलैंड के अध्यक्ष और सीईओ मार्क मैकह्यू ने कहा, "हमारे पास गेटोरलैंड से आने वाली कुछ रोमांचक खबरें हैं। हमने 36 साल पहले लुइसियाना के दलदलों में ल्यूसिस्टिक मगरमच्छों के घोंसले की खोज की थी। उसके बाद पहली बार, हमारे पास उन मूल मगरमच्छों से रिकॉर्ड किए गए एक ठोस सफेद मगरमच्छ का पहला जन्म हुआ है। यह 'दुर्लभ' से परे है, यह बिल्कुल असाधारण है।" उन्होंने कहा कि यह नवजात मादा जेयान और एशले (नर-मादा मगरमच्छ) की संतान हैं। उसके अपने भाई भी हैं लेकिन उनका रंग सामान्य है।

96 ग्राम वजन और 100 सेमी से कम लंबाई वाले दोनों मगरमच्छ को उनके हालिया स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान ए+ प्राप्त हुआ। वे वर्तमान में कच्चे चिकन के छोटे टुकड़ों और अन्य पोषक तत्वों की खुराक का सेवन कर रहे हैं। गेटोरलैंड ने स्पष्ट किया कि ल्यूसिस्टिक मगरमच्छ अमेरिकी मगरमच्छ की सबसे दुर्लभ आनुवंशिक प्रजाती है।  

ये अनोखे जीव सफेद रंग प्रदर्शित करते हैं लेकिन उनकी त्वचा पर सामान्य रंग के धब्बे हो सकते हैं। हालांकि उनकी त्वचा के डार्क कलर न होने के कारण, वे सनबर्न के प्रति संवेदनशील होते हैं और सीधे सूर्य की रोशनी के लंबे समय तक संपर्क को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। पार्क ने 2024 की शुरुआत में जनता के लिए दो नए अतिरिक्त प्रदर्शन करने की योजना बनाई है, जिससे मेहमान इन असाधारण प्राणियों को देखकर आश्चर्यचकित हो सकेंगे। इस बीच, बेबी गेटर्स सतर्क पशु चिकित्सक की देखरेख में रहेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके स्वास्थ्य और विकास की बारीकी से निगरानी की जा रही है।

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