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Hindi News वायरल न्यूज़लेट आने पर फाइन लगाने वाले बॉस ही 5 बार देरी से आए, पर इस बात की हो रही तारीफ

लेट आने पर फाइन लगाने वाले बॉस ही 5 बार देरी से आए, पर इस बात की हो रही तारीफ

कंपनी के बॉस ने देरी से आने पर फाइन चुकाने का नियम तो बना दिया, लेकिन वह खुद भी 5 दिन ऑफिस आने में लेट हो गए। इस पर कौशल शाह ने खुद को नियम से परे न रखते हुए 1000 रुपये का फाइन भी चुकाया।

लेट आने पर फाइन लगाने वाले बॉस ही 5 बार देरी से आए, पर इस बात की हो रही तारीफ
boss also comes late
Surya Prakashलाइव हिन्दुस्तान,मुंबईFri, 21 Jun 2024 01:03 PM
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किसी भी संस्थान में काम करने के लिए अनुशासन जरूरी होता है। अकसर हम ऑफिस पहुंचने में लेट भी हो जाते हैं। कर्मचारियों को ऑफिस पहुंचने में होने वाली इसी देरी से रोकने के लिए मुंबई की एक कंपनी के बॉस ने फाइन लगने का नियम बना दिया। एवर ब्यूटी के फाउंडर कौशल शाह ने नियम बनाया कि सभी कर्मचारियों को सुबग 9:30 बजे तक ऑफिस पहुंचना होगा। ऐसा न कर पाने वाले लोगों को 200 रुपये का फाइन देना होगा। बॉस ने यह नियम तो बना दिया, लेकिन वह खुद भी 5 दिन ऑफिस आने में लेट हो गए। इस पर कौशल शाह ने खुद को नियम से परे न रखते हुए 1000 रुपये फाइन भी चुकाया।

नियम का खुद भी पालन करने के इस रवैये के लिए कौशल शाह की तारीफ हो रही है। कौशल शाह ने एक्स पर अपना अनुभव साझा करते हुए लिखा कि यह पॉलिसी मेरे लिए बैकफायर कर गई है। उनकी इस पोस्ट के बाद यूजर कॉमेंट कर रहे हैं। कई लोगों ने कहा कि इससे पता चलता है कि पंक्चुअलिटी बनाए रखना कितना कठिन है। भले ही यह टॉप लेवल की ही बात क्यों न हो। उन्होंने एक्स पर लिखा,'बीते सप्ताह ऑफिस में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए मैं एक सख्त नियम बनाया था कि सभी को सुबह 9:30 बजे तक ऑफिस पहुंचना होगा।' 

उन्होंने लिखा, 'नियम में शामिल था कि जो भी देरी से आएगा उसे 200 रुपये का फाइन देना होगा। लेकिन मैं खुद 5वीं बार यह फाइन चुका रहा हूं।' उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कई लोगों ने उनकी ओर से फाइन चुकाने को एक आदर्श बॉस का कदम बताया। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि फाइन चुकाने से नहीं बल्कि समय पर आने से उदाहरण पेश किया जाता है। वहीं एक कॉमेंट के जवाब में कौशल शाह ने लिखा कि शायद मेरी पोस्ट को कुछ लोगों ने गलत अर्थों में लिया है। मैंने इस ट्वीट में यह बताने की कोशिश की थी कि कैसे खुद फाउंडर्स को लीडर्स को भी नियम मानने चाहिए और खुद को उससे दूर नहीं रखना चाहिए।