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राम मंदिर के लिए इस बुजुर्ग दंपति ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा ताला

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीGaurav
Thu, 13 Jan 2022 06:13 PM
राम मंदिर के लिए इस बुजुर्ग दंपति ने बनाया दुनिया का सबसे बड़ा ताला

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पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन के साथ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया। इससे पहले राम मंदिर मुद्दा कई सालों से देश की राजनीति में छाया रहा। अब मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद अयोध्या को लेकर गहमागमी बनी हुई है। इसी बीच राम मंदिर के लिए अलीगढ़ में ताला तैयार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह ताला लगभग बनकर तैयार हो चुका है, इस ताले को एक सीनियर कपल तैयार कर रहा है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश का अलीगढ़ जिला ताले के लिए मशहूर है। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक अलीगढ़ स्थित ज्वालापुरी के रहने वाले सत्यप्रकाश ने अपनी पत्नी रुक्मणी देवी के साथ मिलकर इस ताले को बनाया है। बताया जा रहा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा ताला है, इस ताले की लंबाई 10 फुट और चौड़ाई 6 फुट है, साथ ही ताले का वजन 400 किलो है।

इस ताले को 30 किलो की चाबी से खोला और बंद किया जाता है, इसकी लंबाई 4 फुट है। यह भी बताया गया है कि एक लाख रुपये की लागत से बने इस ताले को बनाने में 6 महीने का समय लगा है। इस ताले पर रामदरबार की आकृति भी उकेरी गई हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सत्यप्रकाश का कहना है कि ताले को 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में शामिल किया जाए तो बेहतर होगा। इसके लिए उन्होंने सीएम योगी और पीएम को पत्र भी भेजा है।

रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि यह ताला अलीगढ़ की राजकीय कृषि प्रदर्शनी में रखा गया है और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। लोग इसका दीदार कर रहे हैं और वहां सेल्फी भी ले रहे हैं। जल्द ही इस ताले को अयोध्या में राम मंदिर प्रशासन को सौंप दिया जाएगा। 65 साल के सत्यप्रकाश शर्मा का तालों का पुराना कारोबार है। वह ऑर्डर पर ताले तैयार कराते हैं और इसकी सप्लाई करते हैं। 

सत्यप्रकाश ने इससे पहले 300 किलो का ताला भी बनाया था। इस रिकॉर्ड को उन्होंने अब 400 किलो का ताला बनाकर तोड़ा है। वे 40 साल से ताला निर्माण से जुड़े हुए हैं। उन्हें अपने पिता भोजराज शर्मा से ताला निर्माण की कला विरासत में मिली। इनकी पीढ़ी करीब 100 साल से इस कारोबार से जुड़ी हुई है।

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