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यूपी का यह शख्स 94वीं बार लड़ने जा रहा चुनाव, एक बार भी नहीं जीता

उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। तमाम पार्टियों के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में जोर लगा रहे हैं। इसी बीच आगरा के एक शख्स की कहानी सोशल मीडिया...

यूपी का यह शख्स 94वीं बार लड़ने जा रहा चुनाव, एक बार भी नहीं जीता
Gauravलाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्लीMon, 17 Jan 2022 02:00 PM

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उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। तमाम पार्टियों के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में जोर लगा रहे हैं। इसी बीच आगरा के एक शख्स की कहानी सोशल मीडिया पर छाई हुई है। ये शख्स विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हैं और यह चुनाव उनके जीवन का कुल 94वां चुनाव होगा। मजेदार बात यह है कि आजतक उन्होंने एक भी चुनाव नहीं जीता है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले इस शख्स का नाम हसनूराम अंबेडकरी है। इंडिया टुडे की एक ऑनलाइन रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इस बार आगरा जिले की खेरागढ़ विधानसभा से पर्चा खरीदा है और वे अपनी किस्मत आजमाने मैदान में उतरेंगे। हसनूराम अब तक 93 चुनाव हार चुके हैं, यह उनका 94वां चुनाव होगा। हसनूराम राष्ट्रपति पद के लिए भी नामांकन कर चुके हैं, हालांकि तब उनका पर्चा खारिज हो गया था। 

रिपोर्ट के मुताबिक हसनूराम ने ग्राम पंचायत से लेकर सांसद, विधायक, एमएलसी तक चुनाव लड़े हैं। यही नहीं हसनूराम ने 1988 में राष्ट्रपति के लिए भी आवेदन किया था, लेकिन उनका पर्चा खारिज हो गया था। 76 साल के हसनुराम ने प्रण लिया है कि जब तक जीवित रहूंगा, चुनाव लड़ता रहूंगा। इस बार वो 94वां चुनाव लड़ रहे हैं। 

हसनूराम का कहना है कि 1984 में लखनऊ में उनकी मुलाकात एक विधायक से हुई थी। विधायक से किसी बात को लेकर बहस हो गई तो विधायक ने हसनूराम से कह दिया कि तुम तो फला पार्टी के आदमी हो तुम मेरे खिलाफ चुनाव लड़ सकते हो। हसनुराम उस दौरान राजस्व विभाग में अमीन के पद पर कार्ररत थे। उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और चुनावी मैदान में उतर गए।

कई रिपोर्ट्स में इस बात का भी जिक्र है कि उस समय कुछ नेताओं ने तंज कसा कि इनको परिवार वाले भी वोट नहीं देंगे, इसके बाद तो फिर इन्होंने तय कर लिया कि यह प्रत्येक चुनाव लड़ेंगे। हसनूराम 1985 से अब तक 93 चुनाव लड़ चुके हैं। फिरोजाबाद और आगरा की फतेहपुर सीकरी से लोकसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। 

इस बार उन्होंने आगरा की खेरागढ़ और आगरा ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ने के लिए पर्चा खरीद लिया है। उन्होंने कहा है कि वे हारने के लिए चुनाव लड़ते हैं। वे 100 बार चुनाव हारकर अपना कीर्तिमान स्थापित करना चाहते हैं। वे लगातार निर्दलीय चुनाव लड़ते आए हैं लेकिन आजतक उन्हें एक बार भी चुनाव में विजय नहीं मिली है।

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