मालगाड़ी की छत पर चढ़ा विक्षिप्त, दौड़ लगाई..पुश-अप किया, आधे घंटे तक GRP-RPF जवानों को छकाया

इटावा
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इटावा जंक्शन पर खड़ी मालगाड़ी पर एक विक्षिप्त युवक चढ़ गया। इसकी खबर सुनते ही जीआरपी और आरपीएफ जवानों के हाथ-पांव फूल गए।  कड़ी मशक्कत के बाद विक्षिप्त को ट्रेन से नीचे उतारा गया। इसका वीडियो वायरल हा रहा है। 

Railway Junction ki Khabar: इटावा जंक्शन पर एक विक्षिप्त ने आरपीएफ और जीआरपी के छक्के छुड़ा दिया। आधे घंटे तक उसने दोनों की फोर्स को छकाया। हुआ यूं कि विक्षिप्त जंक्शन के मालगोदाम पर खड़ी मालगाड़ी की छत पर चढ़ गया। इसके बाद वह कभी दौड़ लगाता तो कभी पुश-अप करने लगता। यह देख आरपीएफ और जीआरपी के हाथ-पैर फूल गए। विक्षिप्त युवक को नीचे उतारने की काफी मशक्कत करनी पड़ी। आधे घंटे बाद किसी तरह विक्षिप्त को सकुशल मालगाड़ी से नीचे उतारा गया। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल रहा है। हालांकि हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

मालगोदाम पर एक मालगाड़ी फर्टिलाइजर से लोड खड़ी थी। रविवार सुबह 9:15 बजे के करीब एक मानसिक विक्षिप्त युवक मालगाड़ी की छत पर चढ़ गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर दिनेश कुमार ने बताया कि उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने जीआरपी इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार को सूचित किया। सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा तो देखा कि बिहार के पूर्णिया जिले के गांव आदमपुर परौरा का रहने वाला एक दिमागी रूप से बीमार युवक जिसका नाम सिकंदर कुमार है, वह मालगाड़ी की छत पर चढ़ा हुआ है।

बंद करानी पड़ी ओएचई की बिजली लाइन

स्टेशन अधीक्षक पूरनमल मीना ने घटना की गम्भीरता को देखते हुए मालगोदाम और अप मेन-लाइन की ओएचई की बिजली बंद कराई। जीआरपी-आरपीएफ के सिपाहियों और स्थानीय कर्मचारियों ने उसे समझाने-बुझाने और प्रलोभन देने की भरपूर कोशिश की। बावजूद इसके करीब 30 मिनट तक वह मालगाड़ी की छत पर कभी दौड़ लगाता तो कभी पुश-अप करता रहा। सिपाहियों के साथ स्टेशन अधीक्षक छत पर चढ़े और उसे घेरकर पकड़ा। इसके बाद नीचे उतारा गया। थानाध्यक्ष जीआरपी जितेंद्र कुमार ने बताया कि मानसिक रूप से कमजोर सिकन्दर कुमार को इलाज के लिए हिदायत देकर उसके भाइयों धर्मेन्द्र कुमार और ममेरे भाई चांदसी कुमार की सुपुर्दगी में दिया गया।

भदान स्टेशन पर आम्रपाली की छत से उतारा गया था सिकंदर

सिकंदर को लेकर उनके भाई दिल्ली से वापस बिहार जा रहे थे। शनिवार को दिल्ली से आ रही गाड़ी संख्या 15708 आम्रपाली एक्सप्रेस की छत पर भी वह चढ़ गया था। पॉइंट्स मैन ने जब उसे देखा तो अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी। न्यू भदान स्टेशन पर ओएचई बंद कर आरपीएफ ने किसी तरह उसे नीचे उतारा और इटावा पोस्ट पर लेकर आए। भाइयों ने बताया कि उसे बंद कर रखा गया था लेकिन टॉयलेट जाते समय भाग गया और मालगोदाम के पास खड़ी मालगाड़ी की छत पर चढ़ गया।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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