धरती की सबसे डरावनी जगह! यहां है सांपों का साम्राज्य, आम लोगों को जाने की अनुमति नहीं
ब्राजील के तटवर्ती इलाके में एक ऐसा आइलैंड है, जहां आम लोगों के जाने की इजाजत नहीं है। शायद इसीलिए इसे धरती की सबसे डरावनी जगहों में शुमार किया जाता है। इस आइलैंड को स्नेन आइलैंड कहा जाता है।

ब्राजील के तटवर्ती इलाके में एक ऐसा आइलैंड है, जहां आम लोगों के जाने की इजाजत नहीं है। शायद इसीलिए इसे धरती की सबसे डरावनी जगहों में शुमार किया जाता है। इस आइलैंड को स्नेन आइलैंड कहा जाता है। यहां पर सौ-दो सौ नहीं, बल्कि हजारों की संख्या में सांप हैं। सांपों की इतनी भारी-भरकम फौज के चलते, यहां पर टूरिस्ट्स को भी जाने की अनुमति नहीं है। यहां पर केवल वैज्ञानिक या फिर ब्राजीली मिलिट्री टीम के जवान ही जा सकते हैं। इसके लिए भी उन्हें बहुत कड़े नियमों का पालन करना पड़ता है।
कई तरह की कहानियां
यह आइलैंड ब्राजील के मेनलैंड से 33 किलोमीटर दूर है। पिछले कई साल में इस जगह को लेकर इंटरनेट पर कई तरह की कहानियां फैली हुई हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यहां पर हर मीटर पर एक सांप है। सोशल मीडिया पर तमाम ऐसे वीडियोज हैं, जिनमें इस आइलैंड को दुनिया की सबसे खतरनाक जगह बताया गया है। इस तरह से इसकी ख्याति लगातार बढ़ती ही जा रही है।
किस तरह के सांप अधिक
इस आइलैंड पर गोल्डन लैंसहेड स्नेक पाए जाते हैं। इस प्रजाति के सांप दुनिया में कहीं और नहीं पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह सांप हजारों साल पहले यहां पर फंस गए थे। इसके पीछे की एक प्राकृतिक घटना को जिम्मेदार माना जाता है। उस वक्त समुद्र के पानी का स्तर काफी ऊपर हो गया था। इसके चलते यह आइलैंड ब्राजील की मुख्य जमीन से अलग हो गया था। तभी से यह सांप यहां पर फंसे हुए हैं। यह खुद को आइलैंड के कठिन हालात के मुताबिक ढालते रहे हैं।
इन सांपों में जहर नहीं, लेकिन…
जानकारी के मुताबिक इस प्रजाति के सांपों में जहर नहीं होता है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक बहुत सी ऑनलाइन स्टोरीज में खतरे की बात कही गई है। जिन शोधकर्ताओं ने इन सांपों के बारे में अध्ययन किया है, वह बताते हैं कि यह इंसानों के प्रति प्राकृतिक रूप से आक्रामक नहीं होते हैं। हालांकि यह पक्षियों का शिकार करते हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस आइलैंड पर 2000 से 4000 की संख्या में सांप हैं। हालांकि एक्चुअल नंबर इससे कम ही होंगे। वैज्ञानिकों के मुताबिक यह सांप आमतौर पर चट्टानों, पेड़ों आदि पर छुपे रहते हैं। यही वजह है कि यहां आने वाले इन्हें आसानी से नहीं देख पाते हैं।
2023 में फिर से सुर्खियों में आया
यह आइलैंड साल 2023 में तब फिर से सुर्खियों में आया जब यूट्यूबर लॉर्ड मिल्स, बॉडी आर्मर पहनकर चुपचाप यहां पहुंच गए थे। आश्चर्यजनक बात यह रही कि बाद में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान यहां पर एक भी सांप नहीं देखा। इस तरह से इस आइलैंड के रहस्य में एक और कड़ी जुड़ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि इस द्वीप की यात्र पर प्रतिबंध केवल मानव सुरक्षा के लिए नहीं है बल्कि दुर्लभ सांपों को अवैध तस्करी से बचाने के लिए भी है। वहीं, कई वैज्ञानिक मानते हैं कि स्नेक आइलैंड हॉरर मूवी की तरह नहीं, बल्कि ब्राजील के तट से दूर छिपे एक दुर्लभ प्राकृतिक प्रयोगशाला की तरह है।
लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।
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