ट्रेन में आप भी खरीद रहे Samsung-Vevo के डिवाइस? हो रही गजब की ठगी, वीडियो देख रह जाएंगे हैरान
इंटरनेट पर लोग रेल मंत्रालय और IRCTC को टैग इस पर तुरंत एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं। यूजर्स ने नकली सामान बेचने वाले वेंडरों पर जुर्माना लगाने और लाइसेंस रद्द करने की भी मांग की है।

ट्रेन में सफर करते समय अगर आप भी ब्रांडेड सामान देखकर कुछ खरीदने का फैसला कर लेते हैं तो यह खबर आपके लिए ही है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन के अंदर फर्जीवाड़े का गजब का खुलासा हुआ है। इस वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कैसे ट्रेन के वेंडर असली ब्रांड से मिलते-जुलते नकली लोगो और पैकेजिंग का इस्तेमाल कर लोगों से हजारों की ठगी कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में एक शख्स ट्रेन में नकली पॉवरबैंक का भंडाफोड़ करता है। शुरुआत में एक वेंडर उसके पास पावरबैंक बेचने आता है और कहता है कि उसके पास सैमसंग, वीवो जैसी कंपनियों के पावरबैंक मौजूद हैं। बाहर से सभी प्रोडक्ट हूबहू ओरिजिनल ही लग रहे थे। उनकी कीमत भी वह 500 बता रहा था। लेकिन तभी रिकॉर्डिंग कर रहा शख्स एक पावरबैंक को पीछे से खोलकर दिखाता है। वह अंदर से बिल्कुल खोखला होता है और उसमें आटे जैसी चीज लगी होती है।
भड़क गया बेचने वाला
शख्स को ऐसा करता देख बेचने वाला बुरी तरह भड़क गया। वह कहने लगा कि इन्हें ऐसे खोलने की जरूरत नहीं थी। वह गलीगलौज भी करने लगा और किसी को फोन करने की धमकी भी दी। वहीं रिकॉर्डिंग कर रहे शख्स ने बताया कि किस तरह ट्रेन में फर्जीवाड़ा होता है। वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “फेक ब्रांड और फेक कंपनी। ट्रेन में नकली लोगो से पैसेंजर को मूर्ख बनाया जा रहा है। सरकार को इसके खिलाफ सख्त एक्शन लेने की जरूरत है।”
गौरतलब है कि इससे पहले ट्रेन में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। असली ब्रांड के नाम में एक या दो स्पेलिंग बदलकर लोगों से पूरे पैसे वसूले जाते हैं। उदाहरण के लिए Bisleri की जगह 'Bilsri' या 'Bresli' बेच दिया जाता है। वहीं चलती ट्रेन में यात्री अक्सर जल्दबाजी में होते हैं और वे ब्रांड का जाना-पहचाना रंग देखकर सामान खरीद लेते हैं। ऐसे में उनकी सेहत से भी खिलवाड़ होता है।
वीडियो देख भड़के लोग
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “चोरी और सीनाजोरी।” एक अन्य यूजर ने लिखा, “ट्रेन वालों से ये सब प्रोडक्ट लेने ही नहीं चाहिए। सस्ते के चक्कर में।” वहीं अन्य यूजर ने लिखा कि इन पर तुरंत एक्शन होने चाहिए। वहीं एक यूजर ने अपनी आपबीती भी सुनाई, "मैंने ट्रेन में एक ब्रांडेड नमकीन खरीदी। जब खाया तो स्वाद बेहद खराब और अजीब था। बाद में ध्यान से पैकेट देखा तो पता चला कि लोगो नकली था और नाम की स्पेलिंग बदली हुई थी।"
लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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