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Fact Check: क्या सरकार 500 रुपये के नोट पर बैन लगाने वाली है? जानें वायरल दावे की सच्चाई

Fact Check: क्या सरकार 500 रुपये के नोट पर बैन लगाने वाली है? जानें वायरल दावे की सच्चाई

संक्षेप:

PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को पूरी तरह से झूठा करार दिया है। पीआईबी ने साफ किया कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है और यह जानकारी फर्जी है। इस फैक्ट चेक को एक्स पर पोस्ट किया गया है।

Jan 19, 2026 11:16 am ISTNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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सोशल मीडिया पर एक दावा वायरल हो रहा है कि भारत सरकार 500 रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगाने वाली है, जिससे काले धन पर रोक लग सके। यह दावा एक पोस्ट से शुरू हुआ, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की तस्वीरों के साथ एक ग्राफिक साझा किया गया था। इसमें लिखा था कि सरकार 500 रुपये के नोटों को बंद करने की तैयारी कर रही है। इस पोस्ट को प्रिया पुरोहित नामक यूजर ने शेयर किया, जिसमें उन्होंने 'क्यों?' लिखकर हैरानी जताई थी। यह देखकर दूसरे इंटरनेट यूजर्स भी हैरान रह गए और सवाल करने लगे।

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प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को पूरी तरह से झूठा करार दिया है। पीआईबी ने साफ किया कि केंद्र सरकार की ओर से ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है और यह जानकारी फर्जी है। इस फैक्ट चेक को एक्स पर पोस्ट किया गया, जिसमें फर्जी ग्राफिक पर फेक का स्टैंप लगाया गया है। इस घटना से पता चलता है कि कैसे सोशल मीडिया पर गलत सूचनाएं तेजी से फैल सकती हैं, जिससे आम जनता में भ्रम और अफरातफरी मच सकती है। पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि वित्तीय नीतियों से जुड़ी कोई भी जानकारी केवल आधिकारिक स्रोतों से ही प्राप्त करें।

कुछ बातें ध्यान रखने की जरूरत

सरकार ने पहले भी साफ किया है कि मुद्रा नीतियां केवल RBI और वित्त मंत्रालय के माध्यम से घोषित की जाती हैं। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे पीआईबी, आरबीआई की वेबसाइट या सरकारी ऐप्स से ही अपडेट लें। इस घटना से सबक लेते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी फर्जी कंटेंट पर सख्ती बरतनी चाहिए। फर्जी खबरों के खिलाफ लड़ाई में पीआईबी जैसी संस्थाएं अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन जनता की जिम्मेदारी भी है कि वे कोई भी जानकारी शेयर करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। अगर ऐसी अफवाहें फैलती रहीं तो बैंकिंग सिस्टम में अनावश्यक दबाव पड़ सकता है, जैसा कि 2016 की नोटबंदी के दौरान देखा गया था।

Niteesh Kumar

लेखक के बारे में

Niteesh Kumar
नीतीश 7 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024 की कवरेज कर चुके हैं। पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से ग्रैजुएशन किया। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। और पढ़ें

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