जिंदा कॉकरोच भेजे... eBay ने पत्रकारों को किया परेशान, अब करोड़ों का जुर्माना
अमेरिकी ईकॉमर्स कंपनी ईबे को कोर्ट ने एक मुकदमे में करोड़ों डॉलर का जुर्माना देने का आदेश दिया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने अपने खिलाफ होने वाली रिपोर्टिंग को दबाने के लिए दो पत्रकारों को बेहद गंदे तरीके से परेशान किया।

अमेरिका का ई-कॉमर्स Ebay प्लेटफार्म को एक मुकदमे में 56 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरने के लिए राजी होना पड़ा है। इसके साथ ही कंपनी को सार्वजनिक रूप से इस बात को स्वीकार करना पड़ा कि उनके कर्मचारियों ने कंपनी के ऊपर हो रही रिपोर्टिंग को रोकने लिए एक पत्रकार दंपत्ति के साथ गलत व्यवहार किया है। करीब 6 साल चले इस मुकदमे के बाद कोर्ट ने स्टाइनर दंपत्ति को करीब 48.7 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने और करीब 7 मिलियन डॉलर का दान करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने इसके साथ ही Ebay को आगे ऐसा करने पर परिणाम भुगतने की भी चेतावनी दी है। इसके अलावा इस मामले में शामिल कंपनी के सात कर्मचारियों को जेल भी भेजा गया है। उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई है। स्टाइनर दंपत्ति के वकील क्रिस्टोफर मर्फी ने भी इसे एक बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा, "हमारा मानना हैकि यह समझौता एक स्पष्ट संदेश देता है कि कंपनियों और उनके अधिकारी इस तरह का गलत व्यवहार करके बच नहीं सकते। उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।"
क्या है मामला?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह पूरा मामला 2019 में शुरू हुआ था। डेविड स्टाइनर और इना स्टाइनर, जो कि एक ई-कॉमर्स न्यूजलेटर 'ईकॉमर्स बाइट्स' के संस्थापक हैं। उन्होंने 2019 से Ebay को लेकर कुछ जानकारियां निकालनी शुरू की। उनकी रिपोर्टिंग रोकने के लिए कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें जिंदा कॉकरोच भेजना, सुअर के आकार के हैलोवीन मॉस्क भेजना शुरू कर दिया। अभियोजकों के मुताबिक कंपनी के इस हरकत का उद्देश्य स्टाइनर दंपत्ति को चुप कराना था। क्योंकि उनका मानना था कि स्टाइनर का न्यूजलेटर उनके प्रति बहुत ज्यादा आलोचनात्मक रवैया अपनाता है। इस पूरे मामले में कंपनी के सीईओ से लेकर मुख्य संचार अधिकारी भी शामिल थे।
लगातार परेशान होने के बाद स्टाइनर दंपत्ति ने ईबे के खिलाफ कोर्ट में केस कर दिया। यह केस पिछले छह सालों से चल रहा है। 2024 में कंपनी 30 मिलियन डॉलर देने को तैयार थी। लेकिन बात नहीं बनी। स्टाइनर दंपत्ति के मुताबिक, वह किसी भी हालत में इस मामले को गोपनीय नहीं रखना चाहते थे। इना स्टाइनर ने कहा, "डेविड और मैं दोनों इस बात पर सहमत थे कि इस समझौते को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। हम चाहते हैं कि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा कभी न हो। एक पत्रकार होने के नाते यह हमारा कर्तव्य भी बन जाता है कि पारदर्शिता होनी चाहिए।"


