हैंडराइटिंग मेरी नहीं... फिजिक्स की कॉपी देख छात्र हैरान, CBSE पर नया विवाद
CBSE News Today: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षा 12 की फिजिक्स उत्तर पुस्तिका को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक छात्र ने दावा किया है कि बोर्ड द्वारा री-इवैल्यूएशन के तहत उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी उसकी अपनी नहीं है और उसमें हैंडराइटिंग भी पूरी तरह अलग है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE ) कक्षा 12 की फिजिक्स उत्तर पुस्तिका को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक छात्र ने दावा किया है कि बोर्ड द्वारा री-इवैल्यूएशन के तहत उपलब्ध कराई गई स्कैन कॉपी उसकी अपनी नहीं है और उसमें हैंडराइटिंग भी पूरी तरह अलग है। वेदांत नामक कक्षा 12 के छात्र ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी परेशानी शेयर करते हुए दावा किया कि भौतिकी (Physics) विषय में अपेक्षा से बहुत कम अंक आने के बाद उसने री-इवैल्यूएशन के तहत अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी मांगी थी। लेकिन आज मिली कॉपी देखकर वह हैरान रह गया।
वेदांत ने लिखा कि CBSE द्वारा अपलोड की गई भौतिकी की उत्तर पुस्तिका मेरी बिल्कुल नहीं है। यह मेरी लिखावट नहीं है और न ही वे प्रश्न हैं जिन्हें मैंने हल किए थे। मेरे परिवार, शिक्षकों और लिखावट जानने वाले सभी लोगों ने तुरंत यह अंतर पहचान लिया।
वेदांत ने अपने दावे को मजबूत करने के लिए भौतिकी की कॉपी की तुलना अपनी अंग्रेजी और कंप्यूटर विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं तथा नोट्स से की। उसने बताया कि अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस की कॉपियां उसकी लिखावट से पूरी तरह मेल खाती हैं, लेकिन भौतिकी की कॉपी किसी अन्य छात्र की प्रतीत होती है।
उसने आगे लिखा कि लिखने का तरीका, अक्षरों की बनावट, उनके बीच की दूरी, झुकाव और वाक्यों का प्रवाह; सब कुछ अलग है। यह कोई मामूली अंतर नहीं, बल्कि पूरी तरह अलग लिखावट है।
OSM प्रणाली पर उठाए सवाल
वेदांत ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या किसी अन्य छात्र की उत्तर पुस्तिका गलती से उसके रोल नंबर से जोड़ दी गई है। उसने आगे कहा कि अगर ऐसा है तो मेरे रोल नंबर के तहत किसका मूल्यांकन हुआ? मेरा पेपर या किसी और का? यह अब सिर्फ री-इवैल्यूएशन का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि OSM सिस्टम में उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली या टैगिंग की गंभीर त्रुटि हो सकती है। छात्र वेदांत ने CBSE से मांग की है कि मूल उत्तर पुस्तिका का सत्यापन किया जाए, स्कैनिंग और टैगिंग प्रक्रिया का ऑडिट हो और यह जांचा जाए कि मूल्यांकन के दौरान पेपरों का आदान-प्रदान तो नहीं हुआ।
सोशल मीडिया पर बवाल
वेदांत का पोस्ट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर कमेंट की बाढ़ सी आ गई है। कई यूजर्स ने छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में धुंधली स्कैनिंग, गायब पन्नों और अप्रत्याशित कम अंकों की शिकायतें कीं। एक यूजर ने सलाह दी कि छात्र को तुरंत दिल्ली हाईकोर्ट का रुख करना चाहिए। दूसरे ने कहा कि वे ( CBSE ) छात्रों की जिंदगियों से खिलवाड़ कर रहे हैं। बता दें कि CBSE की नई OSM प्रणाली शुरू होने के बाद देशभर के कई छात्रों ने ऐसी समस्याएं उठाई हैं, जिससे बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर नए सिरे से सवाल खड़े हो गए हैं।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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