कैफे वाले वसूलने लगे गैस क्राइसिस चार्ज? बेंगलुरु में तो ऐसा ही हुआ, मचा खूब बवाल
सोशल मीडिया पर इस बिल को लेकर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। यूजर्स ने कमेंट्स में लिखा कि लेमनेड बनाने में कौन सा गैस लगता है? एक ने लिखा कि निंबू गरम करके डाला है क्या? किसी ने कहा कि लेमनेड में गैस डालकर फिज्जी बनाया होगा।

बेंगलुरु के एक कैफे का बिल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें दो मिंट लेमनेड पर 5% का गैस क्राइसिस चार्ज जोड़ा गया है। यह बिल थियो कैफे से बताया जा रहा है, जहां ग्राहक ने दो मिंट लेमनेड ऑर्डर किए थे, जिनकी कीमत प्रत्येक 179 रुपये थी। कुल सबटोटल 358 रुपये बना, जिसमें 5% डिस्काउंट (17.90 रुपये) के बाद स्टैंडर्ड GST (CGST 2.5% और SGST 2.5%) जोड़ा गया। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि अतिरिक्त 5% गैस क्राइसिस चार्ज (17.01 रुपये) लगाया गया, जिसके बाद अंतिम बिल राउंडिंग के साथ 374 रुपये हो गया।
देश के कुछ हिस्सों में LPG की कमी की खबरें चल रही हैं, जिसके कारण कई रेस्टोरेंट और कैफे लागत बढ़ने से जूझ रहे हैं। बेंगलुरु में भी कई जगहों पर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे कुछ होटल और कैफे ग्राहकों से अलग से गैस चार्ज वसूल रहे हैं। लेकिन इस बिल में यह चार्ज लेमनेड जैसी ऐसी ड्रिंक पर लगाया गया, जो आमतौर पर गैस पर बनाई नहीं जाती। लेमनेड बनाने में गैस का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए लोग इसे बेवजह का अतिरिक्त चार्ज मान रहे हैं।
इंटरनेट यूजर्स ने क्या कहा
इसी तरह के अन्य मामलों में भी बेंगलुरु और चेन्नई के कुछ रेस्टोरेंट्स ने बिल में गैस संबंधित चार्ज जोड़े हैं, जैसे एक जगह पर 30 रुपये का गैस सप्लाई इश्यू चार्ज है। सोशल मीडिया पर इस बिल को लेकर जमकर मजाक उड़ाया जा रहा है। यूजर्स ने कमेंट्स में लिखा कि लेमनेड बनाने में कौन सा गैस लगता है? एक व्यक्ति ने लिखा कि निंबू गरम करके डाला है क्या? ऐसे ही किसी ने कमेंट किया कि शायद लेमनेड में गैस डालकर फिज्जी बनाया होगा। कई लोगों ने इसे कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 के तहत अनुचित व्यापारिक प्रथा बताया और सुझाव दिया कि ऐसे चार्ज अनिवार्य होने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर यह वैकल्पिक होता तो ठीक, लेकिन अनिवार्य रूप से लगाना गलत है। वहीं, कुछ ने कैफे का समर्थन करते हुए कहा कि गैस की कमी से बिजनेस चलाना मुश्किल है, इसलिए यह समझदारी भरा कदम हो सकता है। यह घटना रेस्टोरेंट बिलिंग प्रैक्टिस, कंज्यूमर राइट्स और बढ़ती लागत पर बहस छेड़ रही है। कैफे की ओर से अभी तक इस चार्ज पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। वायरल बिल ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या महंगाई और सप्लाई चेन की समस्या के कारण रेस्टोरेंट्स ऐसे नए-नए तरीके अपनाएंगे या ग्राहकों को पारदर्शी बिलिंग मिलनी चाहिए।
लेखक के बारे में
Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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