सुबह की चाय से लेकर ऑफिस की कॉफी और शाम की चाय तक, कई लोगों का दिन इसके बिना पूरा नहीं होता। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिन में कितनी चाय-कॉफी पीना ठीक है और कब ये ज्यादा हो जाती है?

दिनभर ऑफिस, घर और बाकी कामों में इतना समय निकल जाता है कि खुद के लिए वक्त ही नहीं बचता। लेकिन हर दिन पूरा एक घंटा निकालना जरूरी नहीं है। बस 15 मिनट को अपना 'me time' बनाकर शुरुआत करें।

बाहर खाना हो तो हर बार पिज्जा, बर्गर या फ्राइड फूड ही ऑर्डर करना जरूरी नहीं है। रेस्टोरेंट में भी कुछ ऐसे ऑप्शन मिल जाते हैं, जो स्वाद के साथ आपकी हेल्थ का भी थोड़ा ध्यान रख सकते हैं।

घंटों तक कुर्सी पर बैठे-बैठे काम करते हैं? तो हर थोड़ी देर में बस 1-2 मिनट निकालकर ये 3 आसान मूव्स करें। इससे शरीर को लंबे समय तक एक ही पोजिशन में बैठे रहने से ब्रेक मिलेगा।
अगर आप भी चाहती हैं कि सुबह उठते ही चेहरा फ्रेश, साफ और ग्लोइंग दिखे, तो रात की छोटी-सी रूटीन पर ध्यान दें। मैं सोने से पहले ये 5 काम जरूर करती हूं, जो मेरी स्किन को बेहतर दिखाने में मदद करते हैं। आप भी ये ट्राई कर सकते हैं।
Makeup Mistakes: परफेक्ट और फ्लॉलेस लुक के लिए सही तरीके से मेकअप करना बेहद जरूरी है। फाउंडेशन लगाते समय ये 4 साधारण-सी गलतियां आपके लुक को पैची, केकी या काला बना सकती हैं।
आज के एपिसोड में सीखिए वो योगासन जो पुरुषों को खासतौर पर अपने रूटीन में शामिल करने चाहिए...
घर के बड़े-बुजुर्गों की चिंता होना लाजमी है। उम्र जैसे-जैसे बढ़ती है बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि शरीर की शिथिलता। आपने सुना होगा कि शरीर को जितना चलाएंगे वो उतना स्वस्थ रहेगा लेकिन बुढ़ापे में शरीर से ज्यादा काम लेना भी बड़ी परेशानी है। ऐसे में आप योग की मदद ले सकते हैं।
अगर आप पूरे दिन बिजी रहते हैं और आपको वर्कआउट का टाइम नहीं मिलता तो आपको हम बताने जा रहे हैं 10 मिनट का एक योग सैशन जिसे आप अपने बिस्तर में भी कर सकते हैं। सवेरे उठने का बाद इन आसनों को बैठे-बैठे बड़ा आसानी से किया जा सकता है।
हाल ही में सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) पूनम पांडे (Poonam Pandey) की मौत की खबर सामने आई। भारत में 15 साल और उससे ऊपर की 50 लाख लड़कियों को HPV की वजह से सर्वाइकल कैंसर का खतरा है। हर साल 123907 महिलाओं को इसी वायरस की वजह से कैंसर होता है और इनमें से 77348 महिलाओं को यानि हर 7-8 मिनट में एक लड़की को अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है।