कहते हैं रमजान जज्बा दिखाने का मौका है...जज्बा अपने रब के लिए...जो तंगहाली और खंडहरों के बीच भी गाजा के लोग दिखा रहे हैं...वो आज भी अपनी सरजमीन अपने फिलिस्तीन की आजादी का जज्बा लिए खड़े हैं...खंडहरों में ही चिरागा है..धूल में दुकानें..मस्जिदों के मलबे पर नमाज़े और सेहरी इफ्तार का इंतेजाम.…