
तुर्की ने अपने आधुनिक स्टील्थ कॉम्बैट ड्रोन Anka-3 को भविष्य के हवाई युद्ध के लिए तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह ड्रोन लंबी दूरी की क्रूज़ मिसाइलों से लैस होकर दुश्मन के एयर डिफेंस के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

भारत ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि बांग्लादेश के साथ उसके संबंधों में गंभीर मतभेद और चुनौतियाँ पैदा हो गई हैं। ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के इस बयान ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। यह स्वीकारोक्ति ऐसे समय में आई है

ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। USS अब्राहम लिंकन की लंबी तैनाती, साफ पानी और प्लंबिंग से जुड़ी समस्याओं के बाद अब USS जॉर्ज वाशिंगटन और USS Boxer को लेकर भी गंभीर दावे सामने आ रहे हैं।

ईरान युद्ध के बाद पश्चिम एशिया की भू-राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते ने एक नए मुस्लिम सुरक्षा गठबंधन की चर्चा तेज कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द के बाद सोशल मीडिया पर ‘दिमागी नक्सल पार्टी’ (Dimagi Naxal Party) नाम से एक नई डिजिटल पहल चर्चा में आ गई है। इंस्टाग्राम पर इस पेज ने बेहद कम समय में लाखों फॉलोअर्स जुटाकर सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी।
मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़ा भूचाल लाते हुए सऊदी अरब, तुर्किये (तुर्की) और पाकिस्तान ने एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय सैन्य समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते को 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौता' (Makkah Joint Defence Agreement) नाम दिया गया है। जिसे इस्लामिक नेटो भी कहा जा रहा है ।
मार्च 2026 के युद्ध के दौरान लापता हुए ईरान के तीन फाइटर पायलटों को लेकर अब एक नया और बेहद गंभीर विवाद सामने आया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट जिंदा हैं और पिछले छह महीनों से कतर की हिरासत में हैं।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन आए दिन अमेरिका को धमकी देते रहते हैं और दावा करते रहते हैं कि अमेरिका भी उनके खतरनाक हथियारों की जद में है। हालांकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन्होंने कभी सीधा टारगेट नहीं किया। अब डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग उन की तस्वीर साझा की है।
भारत और ईरान के बीच रिश्तों को नई दिशा देने के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी के साथ चाबहार बंदरगाह, व्यापार, ऊर्जा, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर चर्चा अहम रहने की उम्मीद है
Iran America War के बीच Mohammad Bakr Kharazi के दावों की चर्चा क्यों? | Trump |Abbas Araghchi