अक्तूबर की दरमियानी रात को सुमित और संदीप, मास्क पहने, रामकेश के फ्लैट में दाखिल हुए। अमृता उनके पीछे थी । रामकेश सो रहा था, उसे भनक भी नहीं थी कि उसकी आखिरी रात है। एक ने उसका गला दबाया, और दूसरे ने रामकेश पर डंडे से वार किए। रामकेश की मौत हो गई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई