चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन के साथ जुड़ा हुआ है। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण समाप्त होते ही वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार शुरू होता है। इस समय किए गए कुछ सरल लेकिन शक्तिशाली काम नकारात्मकता को दूर करते हैं, ग्रह दोष शांत होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति स्थापित होती है।