न कर्फ्यू न दंगा, यूपी में अब सब चंगा...; हरिद्वार में गरजे सीएम योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कहा कि एक बीमारू राज्य उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर प्रगति के एक नए पथ पर आग्रसर होकर कार्य कर रहा है। न कर्फ्यू न दंगा, यूपी में अब सब चंगा...

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरिद्वार के भारत माता मंदिर, सप्त सरोवर रोड के पास सप्तऋषि आश्रम ग्राउंड में हो रहे संत सम्मेलन को संबोधित कहा कि यूपी अब एक पिछड़ा राज्य नहीं वरन देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बन गया है। उन्होंने यूपी की बेहतर कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगों और कर्फ्यू से मुक्त होकर तेजी से विकास कर रहा है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बद्री विशाल का बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ केवल आस्था के केंद्र नहीं हैं, ये राष्ट्र चेतना के भी केंद्र हैं। राष्ट्र यहां से शक्ति प्राप्त करता है।
बद्रीनाथ और केदारनाथ सिर्फ आध्यात्मिक केंद्र नहीं
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम सिर्फ आध्यात्मिक केंद्र नहीं हैं, वरन राष्ट्रीय चेतना के भी केंद्र बिंदु हैं। राष्ट्र को यहीं से शक्ति मिलती है। हमने इन केंद्र बिंदुओं को सम्मान के साथ आगे बढ़ाया है। हमने इसकी विरासत का सम्मान किया है। उसकी रक्षा की है। यह इसका नतीजा है कि एक समय बीमारू राज्य रहा उत्तर प्रदेश आज भारत की अर्थव्यवस्था में एक बड़ी सफलता बन रहा है। प्रगति के नए रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।
न कफ्यू, ना दंगा यूपी में अब सब चंगा...
अब उत्तर प्रदेश में अराजकता नहीं है। अब दंगे फसाद नहीं हैं। गुंडागर्दी नहीं हैं। यानी न कफ्यू, ना दंगा यूपी में अब सब चंगा...
देश में व्यापक परिवर्तन
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि मुझे उत्तराखंड में यहां पर भागीदार बनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान देश के अंदर हम लोगों ने व्यापक परिवर्तन देखा है। यह निर्माण की वह गाथा है जिसका सैकड़ो वर्षों से इंतजार था। भारत केवल जमीन का एक टुकड़ा भर नहीं है। यह ऋषि परंपरा की शाश्वत चेतना का भी केंद्र है। यहां संस्कृति केवल आस्था नहीं, एक पूरा जीवन दर्शन है।
भारत किसी एक सत्ता की देन नहीं
इस वजह से ही मैं कहता हूं कि भारत केवल एक तिथि में नहीं बना है। भारत किसी एक सत्ता की देन नहीं है। सनातन चेतना ही इसका स्वाभाविक प्रवाह है। इसी चेतना का परिणाम हमे सुप्रीम कोर्ट पर ध्येय वाक्य के तौर पर मिलता है कि यतो धर्म: ततो जय: यानी जहां धर्म है वहीं विजय है। भारत का उच्चतम न्यायालय भी इस मंत्र को अंगीकार करता है। धर्म कभी कमजोर नहीं होता है, उसे जानबूझ कर कमजोर किया जाता है।
वैदिक भारत एक आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक
योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि जो भी राष्ट्र अपनी सभ्यता और संस्कृति की उपेक्षा करता है, वह ना तो वर्तमान को सुरक्षित रख पाता है और ना ही भविष्य को संजो पाता है। वैदिक भारत एक आत्मनिर्भर सभ्यता का प्रतीक है। आक्रांताओं के आने से पहले भारत केवल एक भूभाग नहीं था। वह एक पूर्ण विकसित सभ्यता और संस्कृति थी। यह राष्ट्र हमारे ऋषियों की तपस्या, किसानों के श्रम से और कारीगरों की श्रृजनशीलता के साथ खड़ा हुआ था।
यहां सभी संत सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक
इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आध्यात्मिक गुरु स्वामी अवधेशानंद गिरि, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भी हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम धामी ने कहा कि यहां मौजूद सभी संत, आध्यात्मिक नेता और भक्त सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं और गंगा के पवित्र तट पर पवित्र सप्तऋषि क्षेत्र में जमा होकर राष्ट्र और संस्कृति में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। जिन महान हस्तियों ने अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय कर्तव्य, सेवा, त्याग और करुणा के लिए समर्पित कर दिया वे सिर्फ तपस्वी नहीं वरन राष्ट्रीय चेतना से जुड़े दिव्य संत थे।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


