यमुनोत्री हाईवे का 100 मीटर हिस्सा बहा, 500 से ज्यादा तीर्थ यात्री फंसे; गंगोत्री हाईवे खुलने से राहत
उत्तराखंड में यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा बारिश के कारण बह गया। इसके चलते पांच सौ से ज्यादा तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। वहीं, गंगोत्री हाईवे पर नगुण बेरियर के पास भारी भूस्खलन हो गया। करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद इसके खुलने से तीर्थयात्रियों ने राहत की सांस ली।

उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम क्षेत्र में गुरुवार को लगातार हो रही बारिश के चलते हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा बह गया। जिला प्रशासन और पुलिस ने तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एहतियातन पांच सौ से ऊपर तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है। अगले आदेश तक यमुनोत्री धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं को बड़कोट, खरादी समेत अन्य सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। वहीं, हरिद्वार में भी भारी बारिश से हालात खराब हो गई।
तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका
लगातार वर्षा के कारण यमुनोत्री हाईवे पर कई स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन के कारण स्यानाचट्टी और हनुमानचट्टी के पास मलबा और बोल्डर आने से हाईवे बाधित है, जिससे आगे आवाजाही सुरक्षित नहीं मानी जा रही है। वहीं, गुरुवार शाम स्यानाचट्टी के समीप यमुनोत्री हाईवे का करीब 100 मीटर हिस्सा तेज बारिश के कारण वॉशआउट हो गया, जिससे मार्ग को हुए नुकसान ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। बड़कोट प्रभारी थानाध्यक्ष रणबीर सिंह चौहान ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यमुनोत्री धाम की यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है।
मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी
नगुण के पास मार्ग बंद होने की सूचना के बाद डीएम प्रशांत आर्य भी दोपहर बाद मौके पर पहुंचे और बीआरओ के अधिकारियों को सड़क खोलने और जल्द से जल्द यातायात सुचारू करने के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे लोगों से वार्ता कर उनका हालचाल जाना। उन्हें जल्द यातायात सुचारु करने का आश्वासन दिया गया।
नगूण में गंगोत्री हाईवे खुलने से राहत
बारिश के कारण गुरुवार को गंगोत्री हाईवे पर नगुण बेरियर के पास भारी भूस्खलन हो गया और मार्ग यातायात के लिए बाधित हो गया। इस कारण हाईवे के दोनों ओर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना के बाद मौके पर पहुंची बीआरओ की मशीनों ने कड़ी मशक्कत कर 9 घंटे बाद हाईवे खोला, तब जाकर हाईवे पर फंसे तीर्थयात्रियों व स्थानी लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि बारिश से भूस्खलन का खतरा बरकरार है।
भूस्खलन से मसूरी-टिहरी मार्ग बाधित
लगातार बारिश के बीच गुरुवार को कफलानी के पास पहाड़ी दरकने से मसूरी-टिहरी मोटर मार्ग पर मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर आ गिरे। इससे सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलने पर एनएचएआई की टीम ने मलबा और बोल्डर हटाकर करीब आधे घंटे बाद यातायात सुचारु कराया गया। स्थानीय निवासी नैन सिंह ने बताया कि पहाड़ी का हिस्सा टूटने से सड़क बंद हो गई थी। समय रहते मार्ग खुलने से लंबा जाम नहीं लग पाया।


