उत्तराखंड में महिला टीचर की घर में अधजली लाश से हड़कंप, 15 साल से पार्टनर युवक पर शक
रुद्रपुर में महिला शिक्षिका की उसके घर के अंदर अधजली लाश मिली है। जानकारी है कि वह यूपी के एक युवक के साथ 15 साल से संपर्क में थी और उसी के साथ रहती थी। कमरे में कहीं जलने या आग की लपटों के निशान नहीं हैं।

उत्तराखंड के रुद्रपुर में बंद घर से महिला शिक्षिका की अधजली लाश मिली है। इस सूचना से पुलिस विभाग और इलाके में हड़कंप मच गया। फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जरूर जुटाए हैं, लेकिन हत्या का रहस्य बना हुआ है। महिला 15 साल से यूपी के युवक के साथ संपर्क में थी और उसी के साथ रहती थी। उसका कहना है कि वह तीन घंटे के लिए बाहर गया था और वापस आया तो अंदर का नजारा देख उसके रौंगटे खड़े हो गए।
घटना रुद्रपुर के कौशल्या फेस-2 में मंगलवार को घटी। महिला ने यहां करीब आठ साल पहले मकान बनाया था। महिला मूल रूप से अल्मोड़ा निवासी थी। 53 वर्षीय सुषमा पंत किच्छा के सिरौलीकला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापिका थी। वह रुद्रपुर के कौशल्या फेस-2 गली नंबर थ्री ए-35 में रहती थीं।
पार्टनर पर हत्या का शक
पड़ोसियों के मुताबिक, करीब आठ साल पहले उन्होंने लोन लेकर अपने पिता के नाम पर मकान बनाया था। बताया जा रहा है कि आजमगढ़ यूपी निवासी अजय मिश्रा उसके साथ रहता था। पुलिस के मुताबिक, अजय मिश्रा ने बताया कि वह ढाबा चलाता है। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे घर का मुख्य दरवाजा बंद कर कहीं गया था। सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे जब उसने लौटकर ताला खोला तो अंदर सुषमा का जला हुआ शव पड़ा था। उसके शोर मचाने पर पड़ोसी-सोसायटी के लोग वहां पहुंचे। शव करीब 70 फीसदी जला हुआ था। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
न धुआं उठा न आग की लपटें
पुलिस के अनुसार, महिला का शव जिस कमरे में मिला, वहां केवल गद्दा और दीवान का कुछ हिस्सा जला हुआ था। कमरे के परदे सुरक्षित हैं और फर्श पर बिछा फुटमैट भी नहीं जला। मकान के दोनों ओर घर बने होने के बावजूद किसी ने धुआं या आग की लपटें नहीं देखीं। पुलिस के अनुसार, महिला 70 प्रतिशत जली हुई थी। सवाल यह है कि इतने जलने के बावजूद घर में धुआं या आग क्यों नहीं फैली और उसकी चीख-पुकार किसी को क्यों नहीं सुनाई दी? मौके से कोई माचिस या लाइटर बरामद नहीं हुआ। इससे यह शक गहराता जा रहा है कि आग आखिर लगी कैसे?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोलेगी राज
मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बेहद अहम होगी। लोगों के बयान व रिपोर्ट में मौत के समय का अंतर सुषमा की मौत की गुत्थी सुलझाने में मदद कर सकता है। सीसीटीवी फुटेज और फॉरेंसिक जांच भी अहम हाेगी। एसआई मोहन जोशी ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम पैनल से कराने की संस्तुति की जा रही है।

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