
विंटर सीजन में पहला बड़ा अलर्ट, भारी बर्फबारी-बारिश की चेतावनी, 24 जनवरी तक कैसा रहेगा मौसम
हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश में विंटर सीजन का पहला बड़ा अलर्ट आया है। मौसम विभाग ने भारी बर्फबारी और बारिश की चेतावनी जारी की है। 18 से 24 जनवरी तक कैसा मौसम रहेगा? जानिए
Himachal Pradesh Weekly Weather: हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश में इस सर्दी के मौसम में पहली बार मौसम विभाग ने भारी बर्फबारी को लेकर चेतावनी जारी की है और कहा है कि 23 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस सबसे ज्यादा सक्रिय होगा। इससे राज्य के पर्वतीय इलाकों में भारी हिमपात और निचले व मध्य क्षेत्रों में तेज बारिश की आशंका है।
मौसम विभाग के मुताबिक यह सिस्टम लंबे समय से जारी ड्राई स्पैल को तोड़ सकता है, जो किसानों और आम लोगों दोनों के लिए राहत और चुनौती साथ लेकर आएगा। विभाग के अनुसार पिछले दो दिनों से सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा के ऊंचे क्षेत्रों में रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। बीती रात लाहौल-स्पीति के कोकसर में हल्का हिमपात दर्ज किया गया।
रविवार को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब बना हुआ है। कई इलाकों में घने बादल छाए रहे और धूप नहीं निकली। वहीं, शिमला व आसपास के इलाकों में बादलों के बीच धूप खिली है।
18 से 24 जनवरी तक मौसम का पूर्वानुमान
मौसम विभाग का पूर्वानुमान बताता है कि 18, 19 और 20 जनवरी को राज्य में छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है और साथ ही कुछ क्षेत्रों में शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है, जबकि 21 जनवरी को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की उम्मीद है। 22 जनवरी को फिर से बादल बढ़ने और छिटपुट वर्षा-बर्फबारी के संकेत हैं, लेकिन असली असर 23 और 24 जनवरी को दिखने की संभावना है, जब वेस्टर्न डिस्टरबेंस के क्रमिक प्रभाव से कई इलाकों में भारी बारिश और भारी बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान सड़कों पर फिसलन, ऊंचे दर्रों के बंद होने और जनजीवन प्रभावित होने का खतरा है। दिलचस्प बात यह है कि जनवरी का आधा महीना बीत जाने के बावजूद शिमला और मनाली में अब तक इस मौसम की पहली बर्फबारी भी नहीं हुई है, जबकि शिमला से सटे प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुफरी और नारकंडा से भी बर्फ पूरी तरह गायब है।
मैदानी इलाकों में सूखा, तापमान माइनस में पहुंचा
उधर, राज्य के मैदानी इलाकों में पिछले तीन महीनों से बादल न बरसने के कारण सूखे जैसे हालात बन गए हैं और गेहूं की फसल नमी के अभाव में खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। ऐसे में संभावित बारिश को किसान उम्मीद की नजर से देख रहे हैं।
ठंड के प्रकोप की बात करें तो पिछले 24 घंटों में राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम न्यूनतम तापमान लाहौल स्पीति जिला के कुकुमसेरी में माइनस 2.5 डिग्री और ताबो में माइनस 0.9 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके बाद बेहद ठंडे इलाकों में बिलासपुर जिले के बरठीं में 1.7, हमीरपुर में 2.1, मनाली में 2.1, ऊना में 2.7, सुंदरनगर में 2.8, पालमपुर में 3.0, धर्मशाला में 3.2, भुंतर में 3.5, सोलन में 3.8, मंडी में 3.9, कांगड़ा में 4.8, बिलासपुर में 5.0, शिमला में 5.5, कुफरी में 5.3, नारकंडा में 3.9, चौपाल में 5.9, जुब्बरहट्टी में 6.2, नाहन में 6.0, कसौली में 7.1, सराहन में 7.7, देहरा गोपीपुर में 8.0, सियोबग में 8.0, पांवटा साहिब में 9.0 और नेरी में 10.0 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को आने वाले दिनों में सतर्क रहने और यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी है।
रिपोर्ट :यूके शर्मा

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