Explainer: निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा क्यों किया? क्या है उनकी डिमांड, 6 दिन पहले हुआ था तलवारबाजी कांड
Nihangs Occupy Gurdwara: निहंगों को 30 घंटे से ज्यादा वक्त हो चुका है, वे अभी भी गुरुद्वारा की छत पर चढ़े हुए हैं। उन पर मारपीट करने, गुरुद्वारा की संपति को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं।

हेमकुंड साहिब की यात्रा से लौटे निहंग श्रद्धालुओं ने उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में भीड़ पर तलवार से हमला किया था। अब वे रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में डटे हुए हैं। सोमवार सुबह भी पांच निहंग छत पर और दो अंदर मौजूद बताए गए। गुरुद्वारा प्रबंधक बेहंत सिंह का आरोप है कि निहंगों ने जबरन कब्जे की कोशिश की, गाली-गलौज और तोड़फोड़ की तथा श्रद्धालुओं के लिए व्यवधान पैदा किया। उधर, निहंगों का कहना है कि वे कर्णप्रयाग तलवारबाजी मामले में गिरफ्तार अपने साथियों की रिहाई चाहते हैं, जबकि प्रशासन बिना बल प्रयोग के हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटा हुआ है।
गुरुद्वारे पर कब्जा क्यों किया? क्या है डिमांड
निहंग शनिवार से नगरासू के गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर मौजूद हैं और लगातार अपने उन साथियों की रिहाई और सुरक्षा की मांग पर अड़े हैं। निहंगों की दो और डिमांड हैं… एक कर्णप्रयाग में हुई मारपीट प्रकरण पर स्थानीय लोगों के खिलाफ भी ऐक्शन लिया जाए। निहंगों के अनुसार, पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई की। एक अन्य मांग चमोली जिला पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए। गौरतलब है कि गत 16 जून के दिन कर्णप्रयाग की तलवारबाजी की घटना के बाद पुलिस ने चार निहंग सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपी पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले हैं और इनकी उम्र 20-23 साल के बीच है। आरोपियों की पहचान मंत्री सिंह, सतविंदर सिंह,जसनप्रीत सिंह और अजय सिंह के रूप में हुई है।
हेमकुंड से लौटे निहंगों ने भीड़ पर तलवार से हमला किया
पुलिस के अनुसार, बीते 16 जून को हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेककर वापस आ रहे निहंग श्रद्धालुओं का कर्णप्रयाग बाजार में कृष्णा पैलेस होटल के पास वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। जिसके बाद उन्होंने कथित रूप से तलवार से हमला कर प्रकाश रावत तथा बीच-बचाव के लिए आगे आए तीन अन्य लोगों को घायल कर दिया था। प्रकाश रावत (26) को प्राथमिक उपचार के बाद हवाई एंबुलेंस के जरिए देहरादून के लिए रेफर किया गया था।
गुरुद्वारा में मारपीट और नशा करने का आरोप
गुरुद्वारा प्रबंधक बेहंत सिंह का आरोप है कि छत पर चढ़े निहंग ऊपर से पत्थर और अन्य सामान फेंक रहे हैं। इससे गुरुद्वारे के सामान को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कुछ लोगों पर नशा करने के साथ ही लंगर सेवा में लगे लोगों के साथ मारपीट किए जाने की बात भी कही।
वार्ता में समाधान नहीं
पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने करीब एक घंटे तक फोन पर निहंगों से वार्ता की, लेकिन समाधान नहीं निकला। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती निहंगों के द्वारा बंधक बनाए गए एक व्यक्ति की रिहाई और बिना बल प्रयोग के हालात सामान्य करना है। पुलिस अधीक्षक निहारिका ने बताया कि निहंगों के दो लोगों को बंधक बनाने की बात सामने आई थी, जिसमें एक को निहंगों ने छोड़ दिया। रविवार देर रात तक भी निहंग गुरुद्वारे से नहीं उतरे थे और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी।
पंजाब के सांसद-विधायक ने जताया रोष
हरिद्वार। कर्णप्रयाग में मारपीट के बाद निहंगों की गिरफ्तारी पर सिख समाज ने रोष जताया है। रविवार को पंजाब से सांसद सरबजीत सिंह खालसा, विधायक मनप्रीत सिंह, सांसद प्रतिनिधि तरसेम सिंह ने हरिद्वार के निर्मल विरक्त कुटिया गुरुद्वारे में सिखों से वार्ता की। उन्होंने एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के सामने रोष प्रकट किया। उनका कहना है कि दोनों पक्षों की गिरफ्तारी होनी चाहिए थी।
प्रबंधक ने कहा-मनाने पर भी नहीं उतरे निहंग
बेहंत सिंह ने कहा कि उन्होंने संबंधित लोगों से शांति से नीचे उतरने का आग्रह किया था और यहां तक कहा कि यदि वे नीचे आ जाएं तो उन्हें सुरक्षित पंजाब तक छोड़ने की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद वे मानने को तैयार नहीं हुए।
धारा 163 का आदेश 27 जून तक
निंहगों द्वारा कर्णप्रयाग और अब रुद्रप्रयाग में उत्पात मचाने की घटना को देखते हुए चमोली जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कर्णप्रयाग के एसडीएम अलकेश नौडियाल ने बताया कि शहर में धारा 163 का आदेश 27 जून तक प्रभावी रहेगा। यह प्रतिबंध ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। उन्होंने साफ किया कि इस दौरान कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था भंग करने एवं शांति व्यवस्था में बाधा डालने के उद्देश्य से जुलूस, झांकी, जनसभा, धरना, रैली, प्रदर्शन इत्यादि नहीं करेगा। किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार के शस्त्र, लाठी, चाकू, तलवार, भाला, बंदूक, पिस्टल आदि एवं विस्फोटक पदार्थ जैसे तेजाब, डीजल, पेट्रोल तथा आतिशबाजी के लिए पटाखे आदि लेकर आवगमन की अनुमति नहीं होगी।
तीसरी बार इंटरनेट बंद करने की आई नौबत
नगरासू गुरुद्वारे में उत्पन्न विवाद के बाद जिला प्रशासन की ओर से क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी, जो करीब 12 घंटे बाद बहाल की गई। राज्य में यह तीसरा मौका है, जब ऐसी नौबत आई।
इससे पहले फरवरी 2024 में हल्द्वानी के बनभूलपुरा हिंसा मामले में व्यापक रूप से इंटरनेट शटडाउन किया गया था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक तनाव या अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए 8 फरवरी 2024 को इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी थीं। दूसरा मामला जून 2023 में पुरोला उत्तरकाशी का है। स्थानीय विवाद के बाद सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके विरोध में विभिन्न संगठनों ने महापंचायत का आह्वान किया था। उस दौरान भी पुरोला में इंटरनेट सेवाओं पर अस्थाई रोक लगाई गई थी।
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