
6 राज्यों में वांटेड कुख्यात मकसूद का झारखंड से गुजरात और उत्तराखंड तक आतंक, नेपाल सीमा से धरा
6 राज्यों में वांटेड कुख्यात और चोरी के मास्टरमाइंड मकसूद ने झारखंड और गुजरात के बाद उत्तराखंड के हल्द्वानी को निशाना बनाया। सवा करोड़ की चोरी में पुलिस ने उसे उसके साथियों के साथ नेपाल सीमा से दबोचा है।
6 राज्यों में वांटेड और चोरी का मास्टरमाइंट मकसूद शेख उत्तराखंड के हल्द्वानी से पहले गुजरात और झारखंड जैसे राज्यों के शहरों में चोरी की वारदात कर चुका था। इस बार उसने उत्तराखंड के हल्द्वानी को निशाना बनाया। उसने खुद की बजाए नेपाल के एक आदमी को रैकी की जिम्मेदारी दी, जो शहर को अच्छी तरह से जानता था। हल्द्वानी में राधिका ज्वेलर्स शोरूम से दीवार काटकर की गई करीब सवा करोड़ की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मास्टरमाइंड मकसूद समेत कुल चार आरोपियों को बनबसा में नेपाल सीमा से धरा है।
पहले वारदात के बारे में
बीते 19 दिसंबर की रात मुखानी थाना क्षेत्र के कुसुमखेड़ा में नवनीत शर्मा के राधिका ज्वेलर्स शोरूम से करोड़ों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए गए थे। पीड़ित कारोबारी ने पास की दुकान किराये पर लेने वाले व्यक्ति और उसके साथियों पर शक जताया था, जो घटना के बाद से फरार थे। रविवार को एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि चोरी का मास्टरमाइंड उधवा राधानगर, जिला साहिबगंज, झारखंड निवासी मकसूद शेख था, जो मुंबई में फल बेचने का काम करता था। उसकी मुलाकात तनवीर अहमद निवासी चूनाभट्टी, मुंबई से हुई। तनवीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था। इनका संपर्क नेपाल निवासी जनकराज से हुआ।
नेपाल के जनक से 35 दिन कराई रेकी
मकसूद ने जनक की सलाह पर हल्द्वानी में वारदात की योजना बनाई। जनक को रैकी करने में लगा दिया। जनक ने हल्द्वानी में आकर सब्जी ठेले की आड़ में रैकी की और ज्वेलर्स शोरूम के बगल वाली दुकान कपड़े के कारोबार के नाम पर किराये पर ले ली। मकसूद व तनवीर से संपर्क कर सात से आठ लोगों की टीम बनाई। 19 दिसंबर की भोर में किराये पर ली दुकान की दीवार को गैस कटर से काट शोरूम से आभूषण पार कर लिए। मकसूद, तनवीर के अलावा चोरी में बसंत खत्री निवासी कंचनपुर, नेपाल, इमरान शेख निवासी साहिबगंज, झारखंड को पकड़ा है।
मास्टरमाइंड की तलाश में 6 राज्यों और नेपाल तक दौड़
जनकराज जोशी मूल रूप से नेपाल का निवासी है। लेकिन उसने दुकान किराये पर लेने के दौरान हल्द्वानी और पिथौरागढ़ का पता बताया था। वह अक्सर हल्द्वानी आता रहता था और शहर को भली-भांति जानता था। उसका संपर्क मुंबई में तीसरे शख्स ने मकसूद से कराया था। सीओ अमित सैनी ने बताया कि मकसूद ने कुछ एडवांस पैसे जनक को भेजे और अपना खर्चा चलाने के साथ दुकान को किराये पर लेने को कहा। 35 दिन तक रैकी करते हुए सभी ने चोरी की प्लानिंग भी बनाई। पुलिस 15 दिनों में आरोपियों के पीछे झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड और नेपाल तक दौड़ लगाई।
जनकराज का मोबाइल नंबर बना आधार
पुलिस को जनकराज का मोबाइल नंबर मिला था। उसने किस-किस से संपर्क किया, पूरी डिटेल साइबर, सर्विलांस टीम ने खंगाली तो 24 नंबर सामने आए। जो घटना से पहले सक्रिय थे बाद में बंद हो गए। आरोपी चोरी से एक दिन पहले नैनीताल में भी रुके। पुलिस के मुताबिक जनकराज समेत चार आरोपी नेपाल में छिपे हुए हैं।
व्यापारी पुलिस के खुलासे से असंतुष्ट
सर्राफा कारोबारी के यहां हुई चोरी में पहले चरण में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 22 लाख का माल बरामद किया। पर प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि माल की शत प्रतिशत रिकवरी होनी चाहिए। कहा, किसी प्रकार का पीड़ित पर दबाव बनाकर खुलासा किया है। संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र गुप्ता ने बताया, यदि शीघ्र मामले का वास्तविक खुलासा नहीं हुआ तो वह आंदोलन करेंगे। व्यापारियों की एसपी सिटी मनोज कत्याल, सीओ अमित सैनी से तीखी बहस भी हुई। वहीं एसपी सिटी ने कहा कि अभी जांच जारी है। अन्य आरोपी भी शीघ्र पकड़े जाएंगे।

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