बरसों तक सरकार ने नहीं सुनी, गांववालों ने उफनती नदी पर खुद ही बना दी पुलिया- VIDEO

त्यूणी, रघुवीर रावत
Follow us on Google News
share

जो काम सरकार वर्षों में न सकी… ग्रामीणों ने खुद कर दिखाया। भारी बरसात के कारण उफनती नदी पर ग्रामीणों ने पेड़ डालकर खुद ही पुलिया बना दी। इसका वीडियो भी सामने आया है।

मॉनसून के साथ ही उत्तराखंड में मौसम की मार पड़ रही है। प्रदेश के कई इलाकों में बरसात और भूस्खलन के कारण रास्ते बंद पड़े हैं। सैकड़ों गांवों का संपर्क टूट गया है। राजधानी देहरादून से कुछ किलोमीटर दूर त्यूणी में भी हालात काफी बुरे हैं। यहां पुलिया न होने से हर बार बरसात शुरू होते ही आधा दर्जन गांव के लोग जान जोखिम में डालकर उफनती नदी पार करने को मजबूर हो जाते हैं। इस बार ग्रामीणों ने सरकारी सिस्टम से तंग आकर खुद ही पुलिया बना डाली। ग्रामीणों ने पेड़ को काटकर नदी के ऊपर अस्थायी पुल बना दिया।

बरसात शुरू होते ही त्यूणी तहसील के दारागाड़ खड्ड पर बसे नखारी छानी क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानी भी बढ़ जाती है। यहां पुलिया नहीं होने के कारण हर साल आधा दर्जन गांवों के लोगों को जान जोखिम में डालकर उफनते खड्ड को पार करना पड़ता है। खेती-बाड़ी से लेकर बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही तक, हर कदम पर खतरा मंडराता रहता है।

उफनती नदी पर बनाया पेड़ का पुल

वीडियो में ग्रामीणों को पेड़ लगाकर पुल बनाते देखा जा सकता है। बता दें कि यहां खत शिलगांव के छजाड़, हरटाड़ गांव, खेड़ा, नखारी छानी, भलीयार छानी, खासनी छानी तथा खत लखौ के सारनी गांव की बटाड़ छानी और किस्तूड़ क्षेत्र के ग्रामीणों की कृषि भूमि इसी खड्ड के दूसरी ओर स्थित है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान टमाटर की खेती, धान की रोपाई और अन्य कृषि का कार्य करते हैं।

कई परिवार बरसात के मौसम में अपनी छानियों में ही निवास करते हैं, जिन्हें रोजमर्रा के काम के लिए दिन में कई बार खड्ड पार करना पड़ता है। बरसात के दौरान जैसे ही दारागाड़ खड्ड उफान पर आता है, किसानों की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं। खेतों में तैयार टमाटर की फसल को नखारी, भलीयार और बटाड़ छानियों से डाड़ी सड़क तक पहुंचाना चुनौती से कम नहीं रहता।

पुलिया बनाकर खुद तलाश रहे समाधान

ग्रामीण लंबे समय से पुलिया बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक भी उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके कारण हर बरसात में छजाड़-हरटाड़ के ग्रामीण नखारी छानी के पास अपने स्तर पर लकड़ी की अस्थायी पुलिया बनाकर खड्ड पार करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार भी लकड़ी के पुलिया के माध्यम से खड्ड पार करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात के मौसम में समस्या बन जाती है।

एसडीएम से लगाई गुहार

ग्रामीण सरदार सिंह, विजयपाल नेगी, खजान सिंह, लक्ष्मण चौहान, विजय सिंह चौहान, अंकित सिंह, मुकेश सिंह, भगत सिंह, काना सिंह, फतेह सिंह सहित अन्य लोगों ने एसडीएम को पत्र भेजकर नखारी-भलीयार छानी के पास स्थायी पुलिया निर्माण की मांग की है। एसडीएम प्रेमलाल ने कहा कि ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कर जिला आपदा प्रबंधन समिति को भेजा जाएगा। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद पुलिया का निर्माण हो जाएगा।

Gaurav Kala

लेखक के बारे में

Gaurav Kala

गौरव काला: वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम सदस्य

संक्षिप्त विवरण: गौरव काला पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। वह विशेष रूप से हिमालयी राज्य उत्तराखंड के अलावा, दिल्ली-एनसीआर, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत कई हिंदी बेल्ट के राज्यों की खबरें कवर कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: गौरव काला का भारतीय डिजिटल मीडिया जगत में एक दशक से अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट टीम सेक्शन का हिस्सा हैं। पिछले पांच वर्षों से वह पहले होम टीम का हिस्सा रहे और अब बड़ी बखूबी से स्टेट टीम में अपनी जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। उन्हें डिजिटल पाठकों की पसंद और बदलती प्रवृत्तियों (Trends) को समझने में विशिष्ट महारत हासिल है। गौरव का करियर प्रिंट मीडिया से शुरू होकर टीवी जगत और डिजिटल मीडिया तक फैला हुआ है। यही वजह है कि उनकी खबरों में गहराई और सटीकता की झलक दिखती है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग: गौरव मॉस कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट हैं और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता है। पहले बी. ए. इन मॉस कम्यूनिकेशन और फिर आधुनिक पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन होने के कारण उनके पास खबरों की ठोस समझ है। 2011 में दैनिक जनवाणी अखबार में क्राइम रिपोर्टिंग से पत्रकारिता शुरू करने के बाद उन्होंने ईटीवी भारत में बतौर एंकर और स्क्रिप्ट राइटर पर तौर पर काम किया। 2015 में डिजिटल पत्रकारिता में एंट्री लेते हुए अमर उजाला और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों में काम किया। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय खबरों को भी कवर किया, बल्कि आकर्षक लेखनी से पाठकों के बीच लोकप्रियता बनाई।


सितंबर 2021 में गौरव लाइव हिन्दुस्तान की नेशनल टीम के साथ जुड़े। तब से वह न सिर्फ राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय, वायरल समाचार और मौसम संबंधी खबरों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, बल्कि राजनीतिक, रिसर्च बेस स्टोरीज भी कवर कर रहे हैं। अपनी मजबूत लेखनी के दम पर वह खबरों को आकर्षक नए कलेवर के साथ आम जनता तक पहुंचा रहे हैं।


डिजिटल ट्रेंड्स के साथ रिपोर्टिंग: डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बदलते ट्रेंड्स को समझना गौरव की बड़ी ताकत है। वायरल खबरों, सोशल मीडिया ट्रेंड्स और इंटरनेट कल्चर से जुड़े विषयों को वह तथ्यात्मक जांच और संतुलित प्रस्तुति के साथ सामने रखते हैं। उनकी यही क्षमता उन्हें क्लिक-बेस्ड नहीं, बल्कि कंटेंट-बेस्ड पत्रकार बनाती है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीति से जुड़े मुद्दों को तथ्यात्मक गहराई और संतुलित दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करते हैं।


पत्रकारिता का उद्देश्य: गौरव के लिए पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्य और जनहित को प्राथमिकता देते हुए पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना है। वह अपनी लेखनी से सत्ता, समाज और आम जनता के बीच एक मजबूत और भरोसेमंद सेतु बनाने में विश्वास रखते हैं।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise):

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार
वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट
राजनीतिक और रिसर्च-आधारित स्टोरीज
हेडलाइन और न्यूज़ प्रेजेंटेशन

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।