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युवाओं की पहल लाई रंग, तीन साल बाद पानुवा गांव में हुआ एका

पंचायत चुनावों के दौरान प्रधान पद को लेकर पानुवा गांव दो गुटों में बंट गया। पिछले तीन वर्षों से ये दोनों गुट दबंगई से लेकर कोर्ट कचहरी तक पहुंचे। तहसील प्रशासन व पुलिस प्रशासन भी दोनों गुटों को एक नहीं कर पाया। लेकिन पानुवा गांव के युवाओं ने एकबार ठान ली तो उनकी पहल रंग लाई। पानुवा गांव के युवाओं ने दोनों गुटों के लोगों को बैठाकर गांव का एका करा दिया।वर्ष 2014 के पंचायत चुनावों में पानुवा गांव में प्रधान पद को लेकर दो गुट बन गये। विजयी गुट व हारे गुट के लोगों के बीच चुनाव के बाद एकाएक टकराव बढ गया। पंचायत भवन, पंचायती चौक, पंचायती बर्तनों, पंचायती वाद्य यंत्रों को लेकर दोनों पक्ष आपस में झगड़ने लगे। पंचायती सामान पर कब्जा करने से लेकर उसको कब्जा मुक्त करने तक तहसील से लेकर कोर्ट कचहरी तक के दोनों गुटों ने चक्कर काटे। एसडीएम, तहसीलदार व पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच राजीनामा कराने के कई प्रयास किये। लेकिन तमाम प्रयास विफल रहे। जिसके चलते मामला अब भी कोर्ट में चल रहा है। लेकिन बुधवार पानुवा गांव के युवाओं की पहल गांव के लिए एक सौगात लेकर आयी। पानुवा गांव के अधिकांश युवक देहरादून और विकासनगर में रहते हैं। हाल में प्रज्ञा ग्राम विकास समिति व यूनिकि स्पोर्ट क्लब उदपाल्टा की ओर से क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित की गयी। इसमें पानुवा के देहरादून विकासनगर में रह रहे युवाओं ने भी गांव की एक संयुक्त टीम उतारी। टीम ने बुधवार को क्वानू गांव की टीम को हराकर चैंपियनशिप जीती। इस चैंपियनशिप में टीम ने करीब 46 हजार रुपये इनाम में कमाये। युवा जीत के जश्न में डूबे थे आपस में चर्चा के दौरान युवाओं ने कहा कि हमारी एकता से ही हमें जीत मिली और चैंपियन बने। युवाओं ने कहा चलो आज गांव की भी एकता करवायें। युवाओं ने आपस में विचार विमर्श कर तय किया कि क्रिकेट में जीते हुए रुपयों की वे पूरे गांव के लोगों को दावत देंगे। इसमें दोनों गुटों के सारे लोगों को बुलाया जायेगा। यह भी तय किया गया जो दावत में नहीं आयेगा उसे बुलाने सारे युवा उसके घर जायेंगे और समझा बुझाकर दावत में शामिल करायेंगे। युवाओं की यह पहल देर सांय काम कर गयी। युवाओं के बुलावे पर सारे लोग गांव के पंचायती आंगन में पहुंचे। जहां सभी ने एक दूसरे का स्वागत कर तीन वर्ष पुराने मामले को सुलझाकर आपस में एकजुट होने का आह्वान किया। तय किया गया कि कोर्ट में एक दूसरे के खिलाफ मुकदमों को एक दो दिन के भीतर वापस लिया जायेगा। स्याणा पूरण सिंह राठौर और प्रधान पूनम देवी ने बताया कि पूरा गांव एकजुट हो गया है। गांव के लोगों ने युवाओं की इस पहल का स्वागत किया है। इसप्रयरास में बलवीर राठौर, आनंद सिंह ,चमन सिंह, रूपराम राठौर, बबलू, मुकेश, युवाओं में टीम के कप्तान मुकेश राठौर, अमित राठौर, गौतम राठौर, उत्तम राठौर, प्रदीप राठौर, अरविंद, राठौर, कल मसिंह, परवीन, अभिषेक, सुरेंद्र, संजय, मनोज, राहुल व विवेक आदि शामिल रहे।

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  • Web Title:Youth's initiatives unite Panuwa villagers after three years