To get admission in the entrance examination the girls stopped at the gate after not reaching the scheduled time - प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित समय पर न पहुंचने से छात्राओं को गेट पर रोका DA Image

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प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित समय पर न पहुंचने से छात्राओं को गेट पर रोका

प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए निर्धारित समय पर न पहुंचने से छात्राओं को गेट पर रोका

प्रवेश परीक्षा में शामिल न होने पर फूट फूट कर रोई अभ्यर्थीएम्स में एबीबीएस प्रवेश परीक्षा में कई अभ्यर्थी पहुंचे देर से सेलाकुई। हमारे संवाददाताएम्स में एमबीबीएस डॉक्टर का कोर्स करने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों का सपना उस समय टूट गया, जब उन्हे सेलाकुई स्थित माया देवी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के गेट पर रोक दिया गया। आधा दर्जन से अधिक अभ्यर्थी निर्धारित समय पर इंस्टीट्यूट के अंदर प्रवेश नहीं कर पायीं। जबकि एक अभ्यर्थी के पास आधार कार्ड नहीं था। जिसके चलते ये प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं हो पायी। प्रवेश परीक्षा में शामिल न हो पायी अभ्यर्थी इंस्टीट्यूट के गेट के बाहर बैठकर फूट फूट कर रोने लगी। कहा कि उनकी रात दिन की मेहनत पर पानी फिरने के साथ ही एक वर्ष का समय खराब हो गया है।शनिवार और रविवार को दिल्ली एम्स में एमबीबीएस में प्रवेश के लिए सेलाकुई स्थित माया देवी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में परीक्षा आयोजित की गयी है। रविवार सुबह और शाम को दो पाली के पेपर में रविवार को सुबह नौ बजे से परीक्षा होनी थी। रविवार सुबह को गोरखपुर यूपी निवासी अंशिका, रुची, मीनाक्षी, सरिता आदि पेपर देने के लिए पहुंची। लेकिन जब वे पेपर देने के लिए माया देवी इंस्टीट्यूट के गेट पर पहुंची तो उन्हे गेट पर रोक दिया। अंशिका से जब उनके परीक्षा से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो उसके पास आधार कार्ड नहीं था यहां तक की उसके पास अन्य प्रमाण पत्रों की छाया प्रति भी नहीं थी। जिसके चलते अंशिका को प्रवेश नहीं दिया गया। जबकि रुचि, मीनाक्षी और सरिता आदि निर्धारित समय से काफी देर बाद पहुंची। जिसके चलते उन्हे इंस्टीट्यूटी में एंट्री नहीं दी गयी। प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए वह इंस्टीट्यूट प्रबंधन के आगे रोती बिलखती रही। काफी देर तक इंस्टीट्यूट प्रबंधन के सामने प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी गिड़गिड़ाती रही कि उनका एक वर्ष का समय बरबाद हो जायेगा। लेकिन इंस्टीट्यूट प्रबंधन ने एक नहीं सुनी और उन्हे प्रवेश परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया। जिससे रोती बिलखती छात्रायें बिना परीक्षा में शामिल हुए बैरंग वापस लौट गयी। कहा कि प्रवेश पत्र में कहीं भी प्रवेश परीक्षा से डेढ़ घंटे पहले इंस्टीट्यूट में पहुंचने का समय नहीं लिखा हुआ था। प्रवेश परीक्षा का समय नौ बजे लिखा था। जिसके चलते वे साढ़े आठ बजे तक इंस्टीट्यूट के गेट पर पहुंच गयी थी। लेकिन उन्हे गेट के बाहर ही रोक दिया। जिससे उनका पेपर छूट गया और करिअर का एक साल बरबाद हो गया है। इस संबंध में माया देवी इंस्टीट्यूट के आईटी हेड राकेश सेमवाल ने बताया की पेपर होने से डेढ़ घंटे पहले परीक्षा में शामिल होने वालों की एंट्री शुरू कर दी जाती है। एंट्री सवा घंटे बाद बंद कर दी जाती है। पंद्रह मिनट इंस्टीट्यूटी के अंदर भी अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। जिसमें बायोमैट्रिक चेकअप, फोटो आदि लिए जाते हैं। जिसके बाद परीक्षा शुरू होती है।

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