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21 अक्तूबर, 2020|3:05|IST

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कच्चे माल को कस्टम से नहीं मिली क्लियरेंस

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चीन से आयातित कच्चे माल को कस्टम विभाग से अब तक क्लियरेंस नहीं मिल पायी है। जिसके कारण कच्चा माल भारतीय एयरपोर्ट और बंदरगाहों पर पड़ा हुआ है। उद्योगपति चीन से आयातित कच्चे माल की कीमतें चीन को अदा कर चुके हैं। ऐसे में कस्टम विभाग से क्लियरेंस न मिलने से बंदरगाहों व एयरपोर्ट पर पड़े कच्चे माल का सीधा नुकसान उद्योगों को हो रहा है। उद्योग न तो उत्पादन ही कर पा रहे हैं और नहीं बाजार से मिली डिमांड के अनुरूप निर्यात कर पा रहे हैं।सेलाकुई स्थित फार्मा व अन्य कंपनियों ने बडे पैमाने पर चीन से कच्चा माल आयात किया है। चीन आयात किया गया कच्चा माल पिछले दस पंद्रह दिनों से कस्टम विभाग की निगरानी में है। चीन से आये कच्चे माल को कस्टम विभाग ने क्लियरेंस नहीं दी है। जिसके चलते कच्चा माल मुंबई के बंदरगाह, एयर पोर्ट व दिल्ली एयरपोर्ट पर ही पड़ा है। सेलाकुई स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स की एक बडी कंपनी से एक हजार एसी की डिमांड है। लेकिन एसी पर लगने वाले कलपुर्जे चीन से आयात होने के बावजूद दिल्ली एयरपोर्ट पर पड़े हैं। जिसके कारण कंपनी एसी की डिमांड पूरा नहीं कर पा रही है। इसी तरह दवा कंपनियों में भी कई दवाओं का डिमांड के अनुरूप निर्यात नहीं हा पा रहा है।चीन से आयातित किये गये कच्चे माल की हम कीमत चीन को पहले ही दे चुके हैं। ऐसे में भारत सरकार का कस्टम विभाग एयरपोर्ट पर सामान को रोककर उसकी क्लियरेंस नहीं दे रहा है। जिसका नुकसान चीन को नहीं कंपनियों को हो रहा है। सरकार को तत्कल कस्टम विभाग से कंपनियेां के हित में क्लियरेंस दिलानी चाहिए। प्रमोद कलानियां, अध्यक्ष ड्रग्स मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन उत्तराखंड।चीन से आयातित किये गये कच्चे माल को रोककर चीन को कोई नुकसान नहीं है। नुकसान भारतीय कंपनियों को है जो पहले ही चीन को भुगतान कर चुकी हैं। सरकार को चीन के साथ देशहित में जो भी निर्णय लेना है उसे ले। लेकिन जो सामान आयात हो चुका है उसे अनावश्यक रूप से न रोके। लतीफ चौधरी, उपाध्यक्ष इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन।

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  • Web Title:Raw material did not get clearance from custom