बिन्हार में बंदोबस्त कराने की मांग को लेकर तहसील मुख्यालय को घेरा

हिन्दुस्तान, विकासनगर
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बिन्हार क्षेत्र में बंदोबस्त न होने के कारण प्रभावित लोगों का गुस्सा प्रदर्शन में फूट पड़ा। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में लोगों ने विकासनगर तहसील का घेराव किया। स्थानीय लोगों ने 1937 से बंदोबस्त न होने की समस्या को उठाते हुए प्रशासन से जल्द इसका समाधान करने की मांग की।

बिन्हार में बंदोबस्त कराने की मांग को लेकर तहसील मुख्यालय को घेरा

राकेश खत्री पछुवादून के बिन्हार क्षेत्र में बंदोबस्त नहीं होने पर मंगलवार को प्रभावित लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में विकासनगर तहसील मुख्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था वर्ष 1937 के बाद से बंदोबस्त नहीं होने के कारण उन्हें अपनी पुश्तैनी जमीन की जानकारी भी नहीं मिल रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द क्षेत्र में बंदोबस्त कराने की मांग की।

बंदोबस्त की प्राथमिकता

भारतीय किसान संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष नरेश चंद्र नौटियाल ने कहा कि बिन्हार क्षेत्र की ग्राम पंचायत मटोगी, मदर्सू, पष्टा, पपड़ियान, भलेर, बावनधार में देश की आजादी से पूर्व साल 1937 में पहला बंदोबस्त हुआ था। उसके बाद से लेकर अभी तक प्रशासन की ओर से इन ग्राम पंचायतों के तीस से अधिक खेड़े, मजरों में बंदोबस्त की प्रक्रिया नहीं कराई गई है और न ही किसी तरह का भू-सर्वेक्षण कराया गया है। बंदोबस्त नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को अपनी पुश्तैनी जमीन के भू-स्वामित्व की जानकारी नहीं है। कई लोगों की जमीनों पर जंगल उग गए हैं। कई पीढ़ियों से जमीन की खाता खतौनी में भी नाम दर्ज नहीं हो रहे हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में जमीनों की खरीद-फरोख्त बड़े पैमाने पर हो रही है। ऐसे में बंदोबस्त नहीं होने के कारण भू-माफिया ग्रामीण से एक बीघा जमीन खरीदकर तीन से चार बीघा जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। ग्रामीणों को जमीन के स्वामित्व की जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें पता नहीं चल रहा है कि किसकी जमीन पर कब्जा हो रहा है। बताया कि बंदोबस्त के अभाव में ग्रामीणों को भू-स्वामित्व संबंधी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। लंबे समय तक अपनी जमीन पर खेती नहीं करने से जमीन जंगलों में तब्दील हो रही है, जिसके सरकार में निहित होने का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से जल्द बिन्हार क्षेत्र में जमीन का बंदोबस्त कराने की मांग की है।घेराव करने वालो में पपड़ियान के ग्राम प्रधान आशीष बिष्ट, ग्राम प्रधान रिंकी, प्रधान बर्फी देवी, चंद्रपाल सिंह तोमर, राजेंद्र धीमान, गोपाल सिंह, सूरत सिंह, महिपाल सिंह, किरन पाल सिंह, सचिन चंदेल, सुधीर चौहान, मनोज तोमर, गीतम सिंह रावत, रामपाल सिंह तोमर, जितेंद्र सिंह पुंडीर, जगदीश प्रसाद, हंसराज, अंकित तोमर आदि शामिल रहे।

भू-माफिया की गतिविधियाँ

घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिन्हार के भू-अभिलेखों में अंकित एक भूखंड को भू-माफिया दुरुपयोग कर एक दूसरे की जमीन को बार बार बेच रहे हैं, जिससे ग्रामीणो में आपसी विवाद हो रहा है। लिहाजा बंदोबस्त प्रक्रिया पूरी होने तक उक्त खसरा नंबर की खरीद फरोख्त पर रोक लगाए जाने की मांग ग्रामीणो की ओर से की गई।

प्रशासन का दृष्टिकोण

बिन्हार क्षेत्र में बदोबस्त की प्रक्रिया गतिमान है। जल्द ही बदोस्त कर लोगों को प्रदान की जाएगी। इसके लिए सभी पटवारियों को जल्द से जल्द बंदोबस्त का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

-विनोद कुमार, एसडीएम विकासनगर

प्रश्नोत्तर

बिन्हार क्षेत्र में बंदोबस्त क्यों नहीं हो रहा है?
बिन्हार क्षेत्र में बंदोबस्त नहीं होने का कारण 1937 के बाद से कोई प्रक्रिया न कराना है।
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