
लखवाड़ बांध प्रभावित आज करेंगे परियोजना कार्यालय पर तालाबंदी
यमुना पर लखवाड़ जल विद्युत परियोजना के प्रभावित ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया है। उन्होंने अनिश्चितकालीन धरना और परियोजना कार्यालय की तालाबंदी की चेतावनी दी है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रत्येक परिवार के सदस्य को रोजगार और उचित मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शन 24 अक्टूबर से जारी है, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
यमुना पर निर्माणाधीन तीन सौ मेगावाट की बहुउद्देशीय लखवाड़ जल विद्युत परियोजना प्रभावित ग्रामीणों में लगातार धरना प्रदर्शन करने के बाद भी उनकी अनदेखी करने से आक्रोश फैल गया है। प्रभावितों ने मंगलवार को धरना प्रदर्शन के साथ ही डाकपत्थर स्थित परियोजना के कार्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी करने और निगम के वाहनों के चक्के जाम करने की चेतावनी दी है। कहा कि यह तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगों पर निगम और जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है। दरअसल, बांध निर्माण स्थल पर धरना दे रहे ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से प्रभावित प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिया जाना चाहिए।

परियोजना के लिए अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा टिहरी जनपद की धनोल्टी तहसील के अंतर्गत कैंपटी बाजार के बाजारी मूल्य की दर पर निर्धारित किया जाना ही ग्रामीणों के हित में होगा। उनका कहना है कि परिवार रजिस्टर के अनुसार ही परिवार की गणना की जाए और सभी परिवारों को आरएंडआर पॉलिसी का लाभ दिया जाए। एलएनटी कंपनी की ओर से पूर्व में हटाए गए सभी श्रमिकों की बहाली और परियोजना प्रभावित गांव कूणा, रणोगी, लोहारी के काश्तकारों का विस्थापन रायशुमारी के बाद करने के बाद किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित काश्तकारों को छह सौ यूनिट बिजली प्रतिमाह निशुल्क उपलब्ध कराने की मांग भी प्रभावित कर रहे हैं। मांगों को लेकर प्रभावित ग्रामीण विगत 24 अक्टूबर से बांध निर्माण स्थल पर धरना दे रहे हैं। लेकिन न तो यूजेवीएनएल और न ही जिला प्रशासन ने अभी तक प्रभावितों की सुध ली है। न ही उन्हें कोई लिखित आश्वासन दिया है। लखवाड बांध प्रभावित कास्तकार संयुक्त मोर्चा के संयोजक मंडल के सदस्य महिलाल सिंह, महेंद्र सिंह पुंडीर, दर्शन लाल नौटियाल, संदीप सिंह तोमर, प्रेम सिंह रावत आदि ने कहा कि निगम और यूजेवीएनएल की अनदेखी से काश्तकारों में आक्रोश बढ़ रहा है। कहा कि मंगलवार से मोर्चा निगम के परियोजना कार्यालय में अनिश्चितकाली तालाबंदी शुरू कर देगा। साथ ही निगम के वाहनों के भी चक्के जाम किए जाएंगे। कहा कि इसके बाद भी अगर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो काश्तकार उग्र प्रदर्शन को बाध्य होंगे। इस मौके पर अनिल पंवार, आंनद रावत, सिया लाल, प्रेम सिंह रावत आदि शामिल रहे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




