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हरिद्वार

गर्भवती महिला की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

हिन्दुस्तान टीम,हरिद्वारPublished By: Newswrap
Sat, 30 Dec 2017 05:34 PM
 गर्भवती महिला की मौत की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

लालढांग की प्रसव पीड़िता के साथ जिला अस्पताल में उपचार को लेकर बरती गई लापरवाही मामले की जिलाधिकारी दीपक रावत ने मजिस्ट्रेटी जांच बिठा दी है। इस मामले में पहले ही ग्रामीणों के आरोपों के बाद सीएमओ ने मौके पर ही लालढांग पीएचसी के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था।

बीती 11 दिसंबर की रात को डालूपुरी निवासी महेंद्र सिंह अपनी पत्नी को प्रसव के लिए लालढांग स्थित पीएचसी ले गया। यहां बच्चा होने के बाद भी महिला का रक्तस्राव नहीं थमा तो केंद्र के स्टाफ ने जिला अस्पताल को रेफर कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि 108 को फोन किया गया तो उसने दो घंटे बाद आने की जानकारी दी। निजी वाहन से ही पीड़िता को हरिद्वार जिला अस्पताल ले जाया गया था। परिजनों का आरोप था कि जिला अस्पताल ने पीड़िता का उपचार किए बगैर ही वेंटीलेंटर न होने की बात करते हुए हायर सेंटर को रेफर कर दिया। इसके बाद पीड़िता की मौत हो गई। पीड़िता की मौत के बाद ग्रामीणों ने लालढांग में जबरदस्त हंगामा किया था। मामले में डीएम ने एसडीएम मनीष कुमार सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है।

उधर, 20 नवंबर को गाजीवाली पुल के पास मुढाल श्रोत के पास हुई सड़क दुर्घटना में थाना श्यामपुर के ग्राम गाजीवाला निवासी हरीश पाल (40) और उनके 9 वर्षीय बेटे अनमोल की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इस हादसे में हरीश पाल के दूसरे बेटे 10 वर्षीय विशेष को गंभीर चोटें आई थीं। यह घटना तब घटी जब हरीश पाल बच्चों को स्कूल से लेकर घर लौट रहे थे। डीएम दीपक रावत ने कहा है कि इन दोनों दुर्घटनाओं के संबंध में कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का मौखिक अथवा लिखित अभिलेखीय या साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहता है तो वह 10 दिन के अन्दर किसी भी कार्य दिवस में रोशनाबाद स्थित उप जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करवा सकता है।

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