
मौलाना अबुल कलाम आजाद को जयंती पर किया याद
संक्षेप: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर पछुवादून विकास मंच ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें इनायत, अंशिका, जीनत आदि को सम्मानित किया गया। मंच के संयोजक ने कहा कि यह दिन शिक्षा के अधिकार और महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने का है।
राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर पछुवादून विकास मंच की ओर से उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर निबंध और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले इनायत, अंशिका, जीनत, वैष्णवी, उमेयर, उमेरा, अनन्या, कौसर जहां और आसना खान को सम्मानित किया गया। इस दौरान वरिष्ठ रचनाकार राजीव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा दिवस सामाजिक समरसता और शिक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले देश के प्रथम शिक्षा मंत्री भारत रत्न मौलाना अबुल कलाम को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है। मंच के संयोजक अतुल शर्मा ने कहा कि भारत में प्रतिवर्ष 11 नवंबर का दिन राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

यह दिन आजाद भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद को समर्पित है। देश के महान स्वतंत्रता सेनानी विद्वान और प्रख्यात शिक्षाविद अबुल कलाम आजाद की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया जाता है। मौलाना अबुल कलाम ने ही स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री के रूप में यूजीसी, आईआईटी, आईसीआर, आईसीएमआर, साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी, संगीत नाटक अकादमी जैसे प्रख्यात संस्थानों की बुनियाद रखी। इस दिवस का मकसद लोगों को शिक्षा के अधिकार और शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करना है। साक्षरता के महत्व के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने आधुनिक शिक्षा प्रणाली को लाने के लिए शिक्षा में अनेकों आमूलचूल परिवर्तन किए। उनके बताए रास्ते पर चलकर हम देश को महान बना सकते हैं। वरिष्ठ सदस्य आमोद शर्मा, वरिष्ठ साहित्यकार राजीव वडोनी, सुनील कुमार, वीर सिंह राणा, रजनी धीमान, अलका शर्मा, मंजीत कौर आदि लोग उपस्थित रहे।

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