DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

औपचारिकता बनकर रह गया बहुद्देश्यीय शिविर

औपचारिकता बनकर रह गया बहुद्देश्यीय शिविर

जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका विकासनगर में लगे विशेष बहुउद्देशीय शिविर महज औपचारिकता बन कर रह गया। पेंशन से वंचित कई लोगों के विकलांग प्रमाणपत्र बनने थे, लेकिन कोई समक्ष अधिकारी नहीं आने से सभी को बैरंग लौटना पड़ा। शिविर में श्रम विभाग की ओर से कोई अधिकारी कर्मचारी शामिल नहीं हुआ। तहसील प्रशासन की ओर से कुछ देर के लिए नायब तहसीलदार आये। समाज कल्याण विभाग की ओर से महज कुछ लोगों का सत्यापन कर औपचारिकता पूरी की गई। दिनभर चलने वाला शिविर महज साढ़े तीन घंटे में ही खत्म हो गया। इससे शिविर में लोगों को समस्याओं के अतिरिक्त सुविधाओं का कोई लाभ नहीं मिला।शिविर में समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग के अधिकारी ही मौजूद रहे। अन्य किसी भी विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी शिविर में नहीं पहुंचा। तहसील प्रशासन की ओर से करीब पंद्रह मिनट के लिए नायब तहसीलदार पंचम सिंह नेगी आए। लेकिन कुछ देर रुकने के बाद वे भी चल दिए। बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से 139 लोगों का सत्यापन किया गया। जबकि मात्र तीस नए लोगों को नए पेंशन फार्म आवंटित किए गए। शिविर में समाज कल्याण विभाग की ओर से किसी भी वंचित की पेंशन स्वीकृत नहीं की गई। बाल विकास विभाग की ओर से लोगों को नंदा गौरा योजना के बारे में बताया गया। उधर पेंशन से वंचित कई ऐसे लोग आये थे जिनके विकलांग प्रमाण पत्र बनने थे। लेकिन विभाग व सक्षम अधिकारी मौजूद नहीं थे। तहसील प्रशासन की ओर से सत्यापन की कार्रवाई में मात्र एक राजस्व उपनिरीक्षक ही मौजूद रहे। श्रम विभाग की ओर से कोई भी अधिकारी कर्मचारी शिविर में नहीं पहुंचे। जबकि श्रम विभाग से संबंधित कई लोग शिविर में आए थे। शिविर में मौजूद रहे समाज कल्याण विभाग व बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने मात्र तीन घंटे की औपचारिकता पूरी कर सामान समेट लिया। सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुआ शिविर दो बजे खत्म हो गया। शिविर में शामिल नगर पालिका के सभासद शम्मी प्रकाश का कहना है कि शिविर रस्म अदायगी के लिए लगाया गया। शिविर में जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद कोई भी जिम्मेदार विभाग और उसके अधिकारी मौजूद नहीं थे। जिसके चलते लोगों के प्रमाण पत्र नहीं बन पाए। कहा कि कई विकलांग अपना प्रमाण पत्र बनाने आये थे। श्रम विभाग से सबंधित समस्याओं को लेकर आये लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। कहा कि शिविर में लोगों को कोई सुविधा नहीं मिली, बल्कि फजीहत झेलनी पड़ी। मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष शांति जुवांठा, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, ब्लॉक समाज कल्याण अधिकारी पूजा पाल, सीडीपीओ तरुणा चमोला, सुपरवाइजर बाल विकास नीलम जख्वाल, सभासद धर्मेंद्र ठाकुर, गुड्डी देवी, कृष्णा तोमर, विशनसिंह, अंकित जोशी, शिवांगी नौटियाल, लवलेश शर्मा, गिरीश सप्पल हन्नी आदि मौजूद रहे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Multipurpose camp has become a formality