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कैमाला बुग्याल में जखोली मेले का आगाज

 कैमाला बुग्याल में जखोली मेले का आगाज

बीते वर्षों की भांति इस वर्ष भी दो जून को कैमाला के बुग्याल में जखोली मेला धूमधाम से शुरू हो गया है। शुक्रवार को मेले के पहले दिन हजारों की संख्या में लोग कैमाला पहुंचे। साल में एक बार जनता के दर्शनार्थ मंदिर के गर्भगृह से बाहर आए बाशिक महाराज के दर्शन को लोगों की भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज क्षेत्र से आए लोगों ने बाशिक महासू की पालकी को कंधा लगाकर धार्मिक परंपरा निभाई। इस दौरान महिला-पुरुषों ने सामूहिक देव नृत्य कर देवता की अराधना भी की। देवदार के घने जंगल के बीच कैमाला के बुग्याल में आयोजित दो दिवसीय जखोली मेले के पहले दिन जौनसार-बावर, बंगाण और हिमाचल प्रदेश समेत आसपास क्षेत्र से हजारों लोग कैमाला के जंगल पहुंचे। मान्यता के अनुसार बाशिक महासू देवता की देव पालकी सालभर में एक बार दो जून को भक्तों के दर्शनार्थ कैमाला के बुग्याल आती हैं। देव पालकी के कैमाला के जंगल पहुंचते ही माहौल भक्तिमय हो गया। लोग भक्ति में डूबकर बाशिक महाराज के जयकारे लगाने लगे। हजारों लोगों ने बाशिक महासू पर पुष्प वर्षा कर देव पालकी का परपंरागत तरीके से स्वागत किया। जखोली मनाने आई सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं ने हारुल के साथ ढोल-दमाऊं की थाप पर तांदी नृत्य कर अपने कुल देवता की स्तुति की। मेले में देर शाम तक नाच-गाने का दौर चला। इस अवसर पर दूर-दराज क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं ने बाशिक महासू की देव पालकी को कंधा लगाकर पौराणिक धार्मिक परंपरा निभाई। लोगों ने बाशिक महाराज के दर्शन कर खुशहाली की मन्नतें मांगी। इस मौके पर वजीर दीवान सिंह राणा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह, नारायण सिंह पंवार, किशन सिंह राणा, अजब सिंह, टीकम सिंह आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title: Jakholi fair commences at Kamala Bugyal