IOC proposes to install LPG plant in post office pressed in central government files - डाकपत्थर में रसोई गैस प्लांट लगाने का आईओसी का प्रस्ताव केंद्र सरकार की फाइलों में दबा DA Image

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डाकपत्थर में रसोई गैस प्लांट लगाने का आईओसी का प्रस्ताव केंद्र सरकार की फाइलों में दबा

सात साल बाद भी नहीं मिली केंद्र सरकार से स्वीकृति 2012 को आईओसी की टीम ने की थी भूमि चिह्नितराज्य सरकार की ओर से जमीन भी उपलब्ध कराई गईविकासनगर। कार्यालय संवाददातापछुवादून सहित गढ़वाल के विभिन्न जिलों और हिमाचल प्रदेश में गैस की आपूर्ति सुचारु रखने के लिए पछुवादून क्षेत्र में प्रस्तावित गैस प्लांट का मामला सात वर्ष बाद भी अधर में लटका है। सात वर्ष पूर्व आईओसी ने विकासनगर क्षेत्र में तीन स्थानों पर भूमि चिन्हित की थी। आईओसी ने डाकपत्थर में जमीन चिन्हित की। जिस पर राज्य सरकार ने अपनी स्वीकृति दी। आईओसी ने भारत सरकार को प्लांट लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा। लेकिन यह प्रस्ताव केंद्र सरकार की फाइलों में दबकर रह गया। जिसके चलते सात वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक प्लांट को केंद्र सरकार की स्वीकृति नहीं मिली। हरिद्वार गैस प्लांट से पर्याप्त मात्रा में गैस न मिलने के कारण और लगातार गैस की कमी के चलते वर्ष 2012 में विकासनगर के तत्कालीन विधायक नवप्रभात की पहल पर राज्य सरकार ने आईओसी से पछुवादून में गैस प्लांट लगाने की सिफारिश की। तब आईओसी ने पछुवादून में प्लांट लगाने की योजना बनाई। जिसके लिए आईओसी ने राज्य सरकार से पच्चीस एकड़ जमीन मांगी। राज्य सरकार ने पछुवादून के डाकपत्थर बैराज में यमुना नदी के पास सिंचाई विभाग की जमीन, छरबा और आसन नदी के पास आईओसी को जगह चिन्हित करने को कहा। 22 जून 2012 को आईओसी की टीम ने विकासनगर पहुंचकर तीनों स्थानों का निरीक्षण किया। आईओसी की टीम ने डाकपत्थर बैराज की जमीन को चिन्हित कर उसे उपयुक्त बताया। तब आईओसी ने एक वर्ष के भीतर प्लांट लगाने की घोषणा करने के साथ ही भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा। इस दौरान आईओसी के अधिकारियों ने कहा था कि हरिद्वार प्लांट से नियमित व पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण पंजाब के प्लांट से गैस आपूर्ति करानी पड़ती है। जिससे आईओसी और उपभोक्ताओं को नुकसान होता है। अधिकारियों ने कहा था कि इस समस्या से निजात दिलाने के लिए डाकपत्थर में प्लांट लगाने की योजना बनाई गयी है। अधिकारियों ने तब बताया था कि प्लांट लगने से दून घाटी के साथ साथ गढ़वाल के सभी जिलों और हिमाचल प्रदेश को कवर कर इन क्षेत्रों को आसानी से रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जायेगी। सात वर्ष बीत जाने के बावजूद आईओसी ने उसके बाद प्लांट लगाने की कोई कार्रवाई नहीं की। जिससे गैस प्लांट लगाने का सपना अधूरा रह गया। - डाकपत्थर में रसोई गैस प्लांट लगाने को लेकर पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पूर्व में वार्ता की है। यह योजना क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। जिसे आगे बढ़ाया जायेगा। अब केंद्र में नयीं सरकार का गठन होना है। नई सरकार बनने के बाद इस मामले पर प्रमुखता से कार्रवाई की जायेगी। जिससे योजना का लाभ क्षेत्र की जनता को मिल सकेगा।- मुन्ना सिंह चौहान, विधायक विकासनगर।

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