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पछुवादून में धूमधाम से मनाया गया इगास पर्व

हिन्दुस्तान टीम,विकासनगरNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 07:30 PM
पछुवादून में धूमधाम से मनाया गया इगास पर्व

पछुवादून में लोगों ने इगास बग्वाल (कणसी बग्वाल) धूमधाम से मनाई। लोगों ने घरों में पारंपरिक पकवान बनाने के साथ ही भैलो (चीड़ और भीमल की लकड़ी की मशाल) खेला। सोमवार को तुलसी विवाह के साथ दीपावली पर्व का समापन होगा। पछुवादून के डाकपत्थर, विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर, सेलाकुई में गढ़वाली और कुमाउनी लोगों के घरों में सुबह से ही पारंपरिक पकवान बनने शुरू हो गए थे। लोगों ने एक दूसरे के घरों में पकवान का आदान प्रदान कर इगास की शुभकामना दी।

कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी, ग्यारस और देवोत्थान एकादशी नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्री हरि विष्णु चार माह के शयन के बाद कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को योग निद्रा से जागृत होते हैं। मान्यता है कि भगवान श्रीराम जब रावण का वध करने के बाद अयोध्या पहुंचे तो इसकी सूचना लोगों को 11 दिन बाद मिली। तब यहां दीपावली मनाई गई थी। इसी दीवाली को इगास पर्व कहते हैं। एक अन्य ऐतिहासिक मान्यता के अनुसार करीब 400 साल पहले वीर भड़ माधो सिंह भंडारी के नेतृत्व में टिहरी, उत्तरकाशी, जौनसार, श्रीनगर समेत अन्य क्षेत्रों से योद्धा बुलाकर सेना तैयार की गई। इस सेना ने तिब्बत पर हमला बोलते हुए वहां सीमा पर मुनारें गाड़ दी थीं। तब बर्फबारी होने के कारण रास्ते बंद हो गए। कहते हैं कि उस साल गढ़वाल क्षेत्र में दीपावली नहीं मनी, लेकिन दीपावली के 11 दिन बाद माधो सिंह भंडारी युद्ध जीतकर गढ़वाल लौटे तो पूरे क्षेत्र में भव्य दीपावली मनाई गई। तब से कार्तिक माह की एकादशी पर यह पर्व मनाया जाता है।

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