
किसानों ने की बीमा प्रीमियम तिथि बढ़ाने की मांग
प्रधानमंत्री मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत किसानों को सर्वर डाउन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। त्यूणी की तहसील में बीमा प्रीमियम जमा करने के लिए किसान लंबी कतारों में खड़े हैं। सीएससी सेंटरों में सर्वर कनेक्टिविटी डाउन है, जिससे किसानों को बीमा प्रीमियम जमा करने में कठिनाई हो रही है।
प्रधानमंत्री मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत किसानों को सर्वर डाउन होने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। किसानों ने सरकार और बीमा कंपनियों के अधिकारियों से बीमा प्रीमियम तिथि बढ़ाने की मांग की गई। जनपद की दूरस्थ तहसील त्यूणी में इन दिनों किसानों द्वारा प्रधानमंत्री मौसम आधारित फसल बीमा प्रीमियम जमा किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि 18 दिसम्बर को भारत सरकार के कृषि मंत्रालय से जुड़ा बीमा पोर्टल किसानों के बीमा प्रीमियम जमा करने के लिए खोला गया था। पिछले एक सप्ताह से त्यूणी तहसील से खतौनी लेने सीएससी सेंटर में बीमा कराने के लिए कतार लगी हुई है।
त्यूणी में 18 सीएससी सेंटर स्थापित है। सभी जगह सर्वर डाउन की समस्या है। यानी पिछले तीन दिनों से एसबीआई, पीएनबी, ग्रामीण बैंकों के सर्वर कनेक्टिविटी डाउन है। जिसके कारण किसानों का प्रीमियम जमा नहीं हो पा रहा है। किसानों का कहना है उद्यान विभाग द्वारा इस बार बुआई प्रमाण पत्र लेने में एक किसान को तीन दिन लग रहे हैं। किसान बारह-बारह घंटे लाइनों में लग रहे हैं। इस कड़ाके की ठंड में लोग लाइन पर लगने को मजबूर हैं। किसान अर्जुन सिंह, लेखराज शर्मा, पीतांबर, जय मोहन शर्मा, शूरवीर राणा, प्रताप सिंह, इंद्र राम, मोहनलाल, रमेश, जय किशन ने बीमा कंपनियों और उद्यान निदेशक को पत्र लिखकर बीमा प्रीमियम जमा करने की तिथि बढ़ाने की मांग की है।

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