Even after seven decades of independence the rural poor are deprived of convenience - आजादी के सात दशक बाद भी यातायात सुबिधा से वंचित हैं ग्रामीण DA Image
22 नवंबर, 2019|7:45|IST

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आजादी के सात दशक बाद भी यातायात सुबिधा से वंचित हैं ग्रामीण

आजादी के सात दशक बाद भी यातायात सुबिधा से वंचित हैं ग्रामीण

ग्रामीणों को पांच से सात किमी चलना पड़ता है पैदल साहिया। राकेश चौहानआजादी के सात दशक पूरे हो चुके हैं लेकिन कालसी ब्लॉक के तीन गांवों पिनगिरी, बढेत व तिलाड़ा गांव के लोग आज भी यातायात सुविधा सें वंचित हैं। इन गांवों के लोगों को यातायात सुविधा से जुड़ने के लिए आज भी पांच से सात किमी दूर पीठ पर सामान लादकर पैदल आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों से लेकर तमाम विभागों के अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं लेकिन अब तक तीनों गांव सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाये हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा न होने से इन गांवों तक आने के लिए सरकारी अधिकारी कर्मचारी तैयार हैं और नहीं यहां तक सरकार की विकास योजनायें पहुंच पाती हैं।कालसी ब्लॉक के तीन गांवों पिनगिरी, बढेत व तिलाड़ा गांव के लोगों को कालसी ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने के लिए गांव से पांच से सात किमी दूर बाड़वाला जुड्डो मार्ग पर क्वागी पुल तक पैदल आवागन करना पड़ता है। इन गांवों को जोड़ने वाला पैदल मार्ग उबड़ खाबड व जर्जर हाल में है। जिस पर ग्रामीणों को खड़ी चढाई चढ़कर आवागमन करना पड़ता है। बीमार लोगों के आवागमन करने की स्थिति में न होने पर मरीजों को डंडी कंडी या डोली पर उठाकर लाना लेजाना पड़ता है। पूर्व प्रधान कन्हैयालाल, मदनसिंह तोमर, रतनसिंह, नरेंद्र पाल व मोहन सिंह आदि का कहना है कि गांवों में सरकारी औषधालय व विद्यालय खुले हैं। लेकिन इनमे कर्मचारी शिक्षक आने को तैयार नहीं हैं। लोनिवि साहिया के अधिशासी अभियंता डीपी सिंह का कहना है कि मार्ग का सर्वे होने के बाद एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर मार्ग का निर्माण किया जायेगा।

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